East Singhbhum Attack: घर का दरवाजा तोड़ हाथियों ने किया अनाज पर धावा, फसल भी रौंदी!
पूर्वी सिंहभूम में हाथियों का आतंक! घर तोड़कर खा गए अनाज, खेतों को भी रौंदा। ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने किया निरीक्षण, जानिए पूरी खबर...

पूर्वी सिंहभूम: झारखंड के बरसोल थाना क्षेत्र के पानीसोल गांव में शनिवार की रात जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला। भोजन की तलाश में भटके हाथियों का झुंड न सिर्फ गांव में घुस आया बल्कि कई किसानों की फसल को रौंद दिया और घर का दरवाजा तोड़कर अनाज भी खा गए। इस दौरान गजराजों ने प्राथमिक विद्यालय का दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की। हालांकि, ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथियों ने वहां से भागने में ही भलाई समझी।
हाथियों ने फसल को किया बर्बाद, घर पर किया हमला
गांववालों के अनुसार, जंगल से भटक कर आए इन हाथियों ने कई किसानों के खेतों में खड़ी गरमा धान की फसल को रौंद दिया। इसके बाद, वे गुरभा महाली के घर तक पहुंच गए और दीवार तोड़कर अंदर घुस गए। घर में रखे दो बोरा अनाज हाथियों ने चट कर डाले। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार हाथियों का हमला ज्यादा खतरनाक था।
ग्रामीणों ने मशाल जलाकर खदेड़ा, वन विभाग ने किया सर्वे
घटना के बाद, गांववालों ने मशाल जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। रविवार सुबह वन विभाग की टीम गांव पहुंची और किसानों से बातचीत की। उन्होंने फसल के नुकसान का जायजा लिया और मुआवजे के लिए फार्म बांटे।
रेलवे स्टेशन तक पहुंचा हाथी, मची अफरातफरी!
इधर, नीमडीह प्रखंड के गुंडा बिहार रेलवे स्टेशन पर भी एक हाथी का आतंक देखने को मिला। झुंड से बिछड़ा यह हाथी रेलवे स्टेशन के आसपास काफी देर तक भटकता रहा, जिससे यात्रियों और रेलकर्मियों में हड़कंप मच गया। बाद में ग्रामीणों और रेलकर्मियों ने मिलकर हो-हल्ला मचाया और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
हाथियों का आतंक: इतिहास भी गवाह!
झारखंड के जंगलों में हाथियों का आतंक कोई नई बात नहीं है। खासकर पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला और खूंटी जिले में आए दिन हाथी गांवों में घुसकर फसलों को तबाह कर देते हैं और घरों पर हमला करते हैं। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए, तो झारखंड के जंगलों में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष दशकों से चलता आ रहा है। वन विभाग कई बार इन्हें रोकने की कोशिश कर चुका है, लेकिन भोजन और पानी की तलाश में ये जंगली हाथी बार-बार गांवों का रुख कर लेते हैं।
क्या है सरकार और वन विभाग की तैयारी?
वन विभाग के अनुसार, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही गांवों के आसपास विशेष बैरियर और हाथियों को जंगल में रोकने के उपाय किए जाएंगे। ग्रामीणों को भी संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने और वन विभाग को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है।
अब आगे क्या?
इस घटना के बाद वन विभाग ने हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने की बात कही है। साथ ही, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही मुआवजा देने का भरोसा दिलाया गया है।
What's Your Reaction?






