Chopan Accident: चीख-पुकार और बहादुरी, स्टेयरिंग फेल होने से गड्ढे में पलटी बस, 18 यात्री घायल, निरंकार बने मसीहा

तेलगुड़वा-कोन मार्ग पर यात्रियों से भरी बस के गड्ढे में पलटने की खौफनाक खबर यहाँ दी गई है। चालक-परिचालक के भागने और निरंकार विश्वकर्मा द्वारा शीशा तोड़कर बच्चों की जान बचाने की पूरी दास्तां पढ़िए वरना आप भी इस रोंगटे खड़े कर देने वाली दुर्घटना और जांबाजी की कहानी से अनजान रह जाएंगे।

Jan 16, 2026 - 16:46
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Chopan Accident: चीख-पुकार और बहादुरी, स्टेयरिंग फेल होने से गड्ढे में पलटी बस, 18 यात्री घायल, निरंकार बने मसीहा
Chopan Accident: चीख-पुकार और बहादुरी, स्टेयरिंग फेल होने से गड्ढे में पलटी बस, 18 यात्री घायल, निरंकार बने मसीहा

चोपन/सोनभद्र, 16 जनवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेलगुड़वा से विंढमगंज जा रही एक निजी बस अचानक स्टेयरिंग फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर कोटा गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास 5 फीट गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे के वक्त बस में करीब 45 यात्री सवार थे, जिनमें से 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस भीषण दुर्घटना के बीच मिर्जापुर के रहने वाले एक यात्री निरंकार विश्वकर्मा 'फरिश्ता' बनकर उभरे, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बस का शीशा तोड़कर बच्चों और महिलाओं को मौत के मुंह से बाहर निकाला।

मौत का मोड़: 08.55 बजे मची अफरा-तफरी

शुक्रवार सुबह का वक्त था और बस अपनी रफ्तार में विंढमगंज की ओर बढ़ रही थी।

  • स्टेयरिंग फेल: चोपन पुलिस के अनुसार, कोटा स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास अचानक बस की स्टेयरिंग ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क छोड़कर सीधे गड्ढे में जा गिरी।

  • चालक-परिचालक फरार: बस पलटने के बाद मचे हाहाकार के बीच चालक और परिचालक अपनी जिम्मेदारी छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए।

  • घायलों की सूची: घायलों में बिहार के अरविंद शाह, कोटा की सविता देवी, पतगढ़ी की सरोज और सलैयाडीह की सनपतिया समेत 18 लोग शामिल हैं।

निरंकार की जांबाजी: शीशा तोड़कर बचाई 12 जिंदगियां

हादसे के बाद बस के भीतर फंसे यात्रियों में चीख-पुकार मची थी। तभी बस में सवार यात्री निरंकार विश्वकर्मा ने साहस का परिचय दिया।

  1. शीशा तोड़ा: बस के दरवाजे जाम हो चुके थे, निरंकार ने तुरंत बस का शीशा तोड़ा और रास्ता बनाया।

  2. बच्चों का रेस्क्यू: सबसे पहले उन्होंने रोते-बिलखते छोटे बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

  3. मानवीयता की मिसाल: निरंकार ने न केवल यात्रियों बल्कि घायल चालक व खलासी को भी शुरुआती तौर पर बाहर निकालने में मदद की, जिसके बाद वे लोग भाग निकले। उन्होंने अस्पताल ले जाने तक घायलों को सांत्वना दी।

चोपन बस दुर्घटना: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
स्थान कोटा गांव, तेलगुड़वा-कोन मार्ग
हादसे की वजह बस की स्टेयरिंग फेल होना
कुल यात्री 45
घायलों की संख्या 18 (चोपन CHC में भर्ती)
हीरो ऑफ द डे निरंकार विश्वकर्मा (मिर्जापुर)

इतिहास का पन्ना: तेलगुड़वा-विंढमगंज मार्ग और 'सोनभद्र' का दुर्गम सफर

सोनभद्र का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी पहाड़ियों और टेढ़े-मेढ़े रास्तों के लिए जाना जाता है। ब्रिटिश काल में विंढमगंज का नाम तत्कालीन मजिस्ट्रेट विंढम के नाम पर रखा गया था, जो इस क्षेत्र को रेल और सड़क मार्ग से जोड़ने के शुरुआती प्रयासों में शामिल थे। इतिहास गवाह है कि तेलगुड़वा और कोन के बीच का यह मार्ग खनिज संपदा के परिवहन के लिए भी मशहूर है, लेकिन खराब रखरखाव और पुरानी निजी बसें यहाँ अक्सर हादसों का सबब बनती रही हैं। साल 2018 और 2021 में भी इस मार्ग पर स्टेयरिंग फेल होने और ब्रेक फेल होने की बड़ी घटनाएं दर्ज हुई थीं। आज की घटना ने एक बार फिर उन पुरानी बसों की फिटनेस जांच पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है जो डग्गामार तरीके से यात्रियों की जान जोखिम में डालकर चलती हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन: ग्रामीणों ने बढ़ाया हाथ

बस पलटने की आवाज सुनकर कोटा गांव के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे।

  • निजी साधनों से मदद: एम्बुलेंस आने से पहले ग्रामीणों ने अपने निजी वाहनों से घायलों को स्थानीय चिकित्सकों और चोपन सीएचसी (CHC) पहुँचाया।

  • पुलिस की कार्रवाई: चोपन थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर क्रेन की मदद से बस को गड्ढे से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अब फरार चालक और बस मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

सूझबूझ ने टाली बड़ी अनहोनी

अगर निरंकार विश्वकर्मा ने समय पर हिम्मत न दिखाई होती, तो बस के अंदर दम घुटने या चोट के कारण स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। चोपन बस हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि जर्जर हो चुकी निजी बसों को सड़कों से हटाया जाए ताकि यात्रियों का सफर 'सफर' न बनकर रह जाए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।