Palamu Murder : नृशंस हत्या! मेदिनीनगर में पत्थर से कूचकर सुनील की जान ली, रेलवे लाइन पर मचा हड़कंप
पलामू के मेदिनीनगर में रेलवे लाइन किनारे मिली युवक की लाश ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। पत्थर से कूचकर हुई इस नृशंस हत्या के पीछे का सच और गुरुवार को हुई गोलीबारी से इसका गहरा कनेक्शन जानिए। कहीं आप भी इस रास्ते से तो नहीं गुजरते।
पलामू: सनसनीखेज वारदात। झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कांदू मोहल्ला के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में एक युवक का लहूलुहान शव बरामद हुआ। हत्या का तरीका इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। युवक का सिर भारी पत्थर से कूच दिया गया था ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके।
सुबह की सैर और वो खौफनाक मंजर
घटना की शुरुआत शुक्रवार सुबह हुई जब कांदू मोहल्ले की कुछ महिलाएं रेलवे लाइन की तरफ गई थीं। झाड़ियों के बीच एक इंसान का क्षत-विक्षत शरीर देख उनके होश उड़ गए। शोर मचते ही वहां स्थानीय लोगों का मजमा लग गया। पुलिस को सूचना दी गई और दो नंबर टाउन थाना की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया।
पहचान का सस्पेंस और 'गोलू पासवान' का डर
शुरुआत में इस शव को लेकर इलाके में जबरदस्त भ्रम की स्थिति बनी रही। दरअसल, इसी जगह पर गुरुवार की सुबह गोली चली थी। मोहल्ले के लोगों को लगा कि यह शव गोली चलाने वाले गोलू पासवान का हो सकता है। पुलिस के लिए भी यह एक पहेली बन गया था। लेकिन जब बारीकी से जांच हुई और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज (MMCH) में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई, तब जाकर सच सामने आया।
कौन था सुनील यादव?
मृतक की पहचान सुनील यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लेस्लीगंज का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल कांदू मोहल्ले में ही रह रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुनील अक्सर स्टेशन परिसर के आसपास देखा जाता था। दबी जुबान में लोग यह भी कह रहे हैं कि वह छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं में शामिल रहता था, जिसके कारण उसके कई दुश्मन बन गए थे।
पलामू का आपराधिक इतिहास: रेलवे लाइन और जुर्म का रिश्ता
पलामू का मेदिनीनगर स्टेशन और उसके आसपास का रेलवे इलाका पहले भी कई बार ऐसी वारदातों का गवाह रहा है। सुनसान झाड़ियां और अंधेरे रास्तों का फायदा उठाकर अपराधी अक्सर यहां वारदातों को अंजाम देते हैं। सुनील की हत्या ने एक बार फिर से रेलवे ट्रैक के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह आपसी रंजिश का मामला है या चोरी के माल के बंटवारे को लेकर हुआ झगड़ा?
पुलिस की रडार पर हत्यारे
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। गुरुवार की गोलीबारी और शुक्रवार को मिली सुनील की लाश के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब सुनील के करीबियों और इलाके के संदिग्धों से पूछताछ कर रही है ताकि पत्थर से सिर कूचने वाले बेरहम कातिलों तक पहुंचा जा सके।
सावधान रहें: रेलवे स्टेशन के आसपास के सुनसान इलाकों में अकेले जाने से बचें, खासकर रात के समय। अपराधी अक्सर इन जगहों को अपना ठिकाना बनाते हैं।
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