Adityapur Firing : दिनदहाड़े तांडव! 10 लाख की रंगदारी के लिए फायरिंग और चापड़ से हमला

आदित्यपुर के शर्मा बस्ती में 10 लाख की रंगदारी के लिए दिनदहाड़े फायरिंग और चापड़ से हमले की पूरी कहानी जानिए। राहुल पंडित की इस दबंगई ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। पुलिस अब इन अपराधियों की तलाश में जुटी है।

Jan 16, 2026 - 17:47
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Adityapur Firing : दिनदहाड़े तांडव! 10 लाख की रंगदारी के लिए फायरिंग और चापड़ से हमला
Adityapur Firing : दिनदहाड़े तांडव! 10 लाख की रंगदारी के लिए फायरिंग और चापड़ से हमला

आदित्यपुर: खूनी रंगदारी। सरायकेला-खरसावां जिले का आदित्यपुर इलाका एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहल उठा है। शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे शर्मा बस्ती में जो हुआ, उसने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। अपराधियों ने न सिर्फ एक घर में घुसकर लाखों की मांग की, बल्कि इनकार करने पर सरेआम खून बहाने की कोशिश भी की।

दोपहर 3 बजे का वो 'आतंक'

शुक्रवार की दोपहर जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी शर्मा बस्ती स्थित दीपक मिश्रा के घर के बाहर एक मोटरसाइकिल रुकती है। बाइक पर सवार था राहुल पंडित और उसका एक साथी। राहुल पंडित, जिसका ठिकाना विद्युत नगर बताया जा रहा है, सीधे दीपक मिश्रा के पास पहुंचता है। लेकिन उसकी मंशा मेल-मिलाप की नहीं, बल्कि उगाही की थी।

विक्की और बिट्टू नंदी के नाम पर वसूली

राहुल पंडित ने वहां पहुंचते ही दो कुख्यात नाम लिए— विक्की नंदी और बिट्टू नंदी। उसने साफ लहजे में दीपक मिश्रा से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब दीपक मिश्रा ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो राहुल पंडित का 'हिंसक अवतार' सामने आ गया। बात सिर्फ धमकी तक नहीं रुकी; उसने चापड़ (तेज धारदार हथियार) निकाला और दीपक पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि दीपक को हल्की चोटें ही आईं, वरना परिणाम घातक हो सकते थे।

तीन राउंड फायरिंग और गाड़ी के शीशे चकनाचूर

रंगदारी न मिलने और हमले के बाद अपराधियों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने दीपक मिश्रा की गाड़ी के शीशे पत्थर और हथियारों से तोड़ दिए। इलाके में अपनी दहशत कायम करने के लिए आरोपियों ने घर के बाहर तीन राउंड हवाई फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही शर्मा बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे अपने ही घरों में दुबक गए और गलियां मिनटों में सूनी हो गईं।

आदित्यपुर का इतिहास: अपराधियों का गढ़?

आदित्यपुर और आसपास के इलाके हमेशा से औद्योगिक बेल्ट होने के कारण अपराधियों के निशाने पर रहे हैं। 90 के दशक से लेकर अब तक, यहां रंगदारी (Extortion) और गैंगवार का एक पुराना और काला इतिहास रहा है। विक्की और बिट्टू नंदी जैसे नामों का इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि इलाके में अब भी पुराने सिंडिकेट्स का साया बरकरार है। यह घटना बताती है कि अपराधी अब पुलिस से बेखौफ होकर दिन के उजाले में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

पुलिस की दबिश और फरार आरोपी

घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से राहुल पंडित के बारे में पूछताछ की है। हालांकि, वारदात को अंजाम देने के बाद राहुल और उसका साथी फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की पहचान हो चुकी है और बहुत जल्द वे सलाखों के पीछे होंगे।

आम जनता का सवाल: क्या दिनदहाड़े होने वाली ऐसी घटनाएं प्रशासन की विफलता नहीं हैं? शर्मा बस्ती के लोग अब भी सहमे हुए हैं और पुलिस से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इलाके में फिर से भरोसा बहाल हो सके।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।