Telco Murder: ब्राउन शुगर का खौफनाक अंत, अजय हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, मां की चेन और गाली बनी मौत की वजह
जमशेदपुर के टेल्को में हुए अजय श्रीवास्तव हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। ब्राउन शुगर के कारोबार, मां की चेन छीनने और अपमान का बदला लेने के लिए रची गई इस खूनी साजिश की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर की गलियों में फैलते इस 'सफेद जहर' के जानलेवा सच को जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 16 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के टेल्को और गोविंदपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अजय श्रीवास्तव हत्याकांड की गुत्थी को मात्र 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने जो खुलासा किया, उसने नशे के कारोबार और उससे उपजी रंजिश की एक काली हकीकत को सबके सामने रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बेइज्जती का बदला लेने के लिए अजय को मौत के घाट उतार दिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में छोटा गोविंदपुर का रहने वाला सिद्धार्थ कुमार (20) और राहुल सिंह उर्फ चीकू (20) शामिल हैं।
ब्राउन शुगर और मां का अपमान: हत्या की असली इनसाइड स्टोरी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक अजय और आरोपी सिद्धार्थ के बीच का रिश्ता काफी पुराना था, लेकिन यह दोस्ती अपराध की बुनियाद पर टिकी थी।
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नशे का कारोबार: मृतक अजय श्रीवास्तव और सिद्धार्थ दोनों मिलकर ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री का धंधा करते थे।
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पैसों का विवाद: कुछ दिनों से दोनों के बीच लेन-देन को लेकर भारी तनाव चल रहा था।
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मां की चेन और बेइज्जती: विवाद तब चरम पर पहुँच गया जब दो दिन पहले अजय ने सिद्धार्थ की मां की सोने की चेन मांग ली। इस बात को लेकर सिद्धार्थ को उसके घर में काफी अपमानित किया गया और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।
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खूनी प्लान: जब सिद्धार्थ ने चेन वापस मांगी, तो अजय ने उसके और उसके दोस्त चीकू के साथ गाली-गलौज की। इसी अपमान का बदला लेने के लिए दोनों ने अजय को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
पुलिस की रेड: 24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे हत्यारे
टेल्को और गोविंदपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को उनके छिपने के ठिकानों से दबोचा।
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साइंटिफिक जांच: पुलिस ने कॉल डिटेल्स और स्थानीय इनपुट के आधार पर सिद्धार्थ को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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चीकू की गिरफ्तारी: सिद्धार्थ की निशानदेही पर राहुल उर्फ चीकू को भी गिरफ्तार किया गया, जो हत्या के समय सिद्धार्थ के साथ मौजूद था।
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जेल रवानगी: शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
टेल्को अजय हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | अजय श्रीवास्तव |
| मुख्य आरोपी | सिद्धार्थ कुमार और राहुल सिंह उर्फ चीकू |
| हत्या का कारण | पैसे का विवाद और मां की चेन मांगना |
| मुख्य कारोबार | ब्राउन शुगर की तस्करी |
| थाना क्षेत्र | टेल्को और गोविंदपुर (जमशेदपुर) |
इतिहास का पन्ना: टेल्को का 'नशा माफिया' और अपराध का बदलता चेहरा
जमशेदपुर का टेल्को क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से टाटा मोटर्स और औद्योगिक अनुशासन के लिए जाना जाता रहा है। 1950 और 60 के दशक में जब टेल्को कॉलोनी का निर्माण हुआ, तो यह देश की सबसे सुरक्षित कॉलोनियों में से एक थी। इतिहास गवाह है कि यहाँ के अपराध कभी 'यूनियन पॉलिटिक्स' तक सीमित थे। लेकिन साल 2015 के बाद से जमशेदपुर के बाहरी इलाकों जैसे गोविंदपुर और छोटा गोविंदपुर में 'ब्राउन शुगर' ने अपने पैर पसारने शुरू किए। पुराने दौर के अपराधी हथियारों के लिए लड़ते थे, लेकिन आज की नई उम्र के अपराधी (20-22 वर्ष) नशे की लत और तुरंत पैसे कमाने की चाहत में खूनी खेल खेल रहे हैं। अजय श्रीवास्तव हत्याकांड उसी 'ड्रग्स कल्चर' की उपज है, जिसने शहर की युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नशा सिंडिकेट काम कर रहा है।
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युवाओं का पतन: गिरफ्तार दोनों आरोपी महज 20 साल के हैं, जो यह बताता है कि शहर के युवा किस कदर अपराध की दलदल में फंस रहे हैं।
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गश्ती में सख्ती: टेल्को और गोविंदपुर पुलिस अब इन इलाकों में ब्राउन शुगर के छोटे पेडलर्स पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है।
प्रतिशोध का अंजाम
सिद्धार्थ और चीकू ने अजय को मारकर अपनी 'बेइज्जती' का बदला तो ले लिया, लेकिन अब उन्हें अपनी पूरी जवानी सलाखों के पीछे बितानी होगी। जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच एक सख्त संदेश भेजा है कि शहर में कानून का राज बरकरार है।
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