Chatra Horror: चतरा में 'कातिल' हाइवा ने आईटीआई कर्मचारी को कुचला, मौके पर ही मौत, सड़क पर बिछी लाश देख भड़के लोग
चतरा के हंटरगंज में तेज रफ्तार अज्ञात हाइवा ने आईटीआई कॉलेज से लौट रहे संजय सिंह को बेरहमी से कुचल दिया। मौत के बाद भड़के ग्रामीणों ने चतरा-डोभी मुख्य मार्ग को शव रखकर जाम कर दिया है। कातिल ड्राइवर फरार है और इलाके में भारी तनाव है। इस दर्दनाक हादसे की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चतरा/हंटरगंज, 14 मार्च 2026 – झारखंड के चतरा जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। हंटरगंज थाना क्षेत्र के घांघरी के पास बीती रात एक अज्ञात 'कातिल' हाइवा ने बाइक सवार युवक को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि देखने वालों की रूह कांप गई। हादसे के बाद शनिवार की सुबह चतरा-डोभी मुख्य मार्ग रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को बीच सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर चतरा की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों और 'हिट एंड रन' के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ड्यूटी से घर लौट रहा था 'संजय', रास्ते में खड़ा था काल
मृतक की पहचान हीरिंग गांव निवासी संजय सिंह के रूप में हुई है। संजय जोरी (बानसिंह) स्थित एक आईटीआई कॉलेज में कार्यरत थे और परिवार के मुख्य आधार थे।
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रात का सन्नाटा और चीख: बीती रात संजय अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। घांघरी के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
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बेरहम मौत: टक्कर इतनी भयंकर थी कि संजय को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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फरार हुआ कातिल: हादसे को अंजाम देने के बाद मानवता को शर्मसार करते हुए हाइवा चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
सड़क पर संग्राम: घंटों फंसे रहे स्कूली बच्चे
शनिवार सुबह जैसे ही संजय की मौत की खबर हीरिंग गांव पहुँची, सैकड़ों ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर उमड़ पड़े।
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चक्का जाम: गुस्से से तमतमाए ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर चतरा-डोभी मुख्य मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया।
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यातायात प्रभावित: जाम के कारण सड़क के दोनों ओर ट्रकों और बसों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान कई स्कूली बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे छोटे बच्चों और यात्रियों को भीषण गर्मी और परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मांग पर अड़े लोग: ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि जब तक मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और फरार हाइवा चालक की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव को उठने नहीं देंगे।
चतरा-डोभी मार्ग और 'हाइवा' का खूनी आतंक
चतरा-डोभी मार्ग ऐतिहासिक रूप से झारखंड और बिहार को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारा रहा है।
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खनिजों का रूट: इस मार्ग का इतिहास गवाह है कि यहाँ से पत्थर और कोयले की ढुलाई करने वाले भारी वाहनों का दबाव हमेशा से अधिक रहा है।
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बढ़ते ब्लैक स्पॉट्स: घांघरी और हंटरगंज के आसपास का इलाका पिछले कुछ वर्षों में 'डेथ जोन' के रूप में उभरा है। चतरा के इतिहास में ऐसी दर्जनों घटनाएं दर्ज हैं जहाँ रात के अंधेरे में हाइवा चालकों ने छोटे वाहन चालकों को कुचला है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहाँ 'स्पीड ब्रेकर' और 'पुलिस गश्त' की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण संजय जैसे युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
प्रशासनिक पहल: सीओ और थाना प्रभारी मौके पर
बढ़ते तनाव को देखते हुए हंटरगंज के अंचलाधिकारी (CO) और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे हैं।
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समझाइश का दौर: अधिकारी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे का आश्वासन दे रहे हैं।
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छापेमारी जारी: पुलिस ने बताया कि आसपास के पेट्रोल पंपों और ढाबों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि फरार हाइवा की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही कातिल ड्राइवर सलाखों के पीछे होगा।
संजय सिंह की मौत केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि उस सिस्टम की नाकामी है जो सड़कों पर 'मौत के सौदागरों' को खुली छूट दिए हुए है। एक आईटीआई कर्मचारी का इस तरह चले जाना हीरिंग गांव के लिए एक कभी न भरने वाला जख्म है। फिलहाल, चतरा-डोभी मार्ग पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
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