Chatra Accident: पूजा के बाद घर लौट रहे परिवार पर टूटा मौत का कहर
चतरा के इटखोरी में मां भद्रकाली मंदिर से पूजा कर लौट रहे परिवार की स्कॉर्पियो पेड़ से टकराने से दर्दनाक हादसा, तीन की मौत, छह घायल। पढ़िए पूरी खबर।
झारखंड के चतरा जिले में शनिवार का दिन एक परिवार के लिए काला दिन साबित हुआ। मां भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर लौटते समय गंधरिया बहेरा कोचा के पास एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकरायी, जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें हजारीबाग रेफर कर दिया गया है।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
मां भद्रकाली मंदिर, जो कि इटखोरी का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, पर परिवार ने पूजा कर अपने जीवन में सुख-शांति की कामना की थी। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो चालक ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे तेज रफ्तार में वाहन सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों की स्थिति नाजुक
हादसे में घायल छह लोगों को पहले चतरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
पुलिस की तत्परता से हुई राहत
जैसे ही हादसे की खबर सदर पुलिस को मिली, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इतिहास में झारखंड के सड़क हादसे
झारखंड में सड़क हादसे कोई नई बात नहीं है। तेज रफ्तार, खराब सड़कें और लापरवाही भरा ड्राइविंग मिलकर अकसर जानलेवा घटनाओं को जन्म देते हैं। आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में हर साल सैकड़ों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। चतरा, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में पर्व-त्योहारों के समय हादसों में इजाफा देखने को मिलता है, जब लोग बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं।
मां भद्रकाली मंदिर का महत्व
इटखोरी का मां भद्रकाली मंदिर झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और बंगाल के श्रद्धालुओं के बीच भी अत्यधिक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हर साल हजारों भक्त यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। लेकिन अब यह स्थान इस दर्दनाक हादसे की भी गवाही बन गया है।
समाज के लिए सीख
यह हादसा हमें एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि भक्ति और आस्था के साथ-साथ यात्रा के दौरान सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। गाड़ी चलाते समय सतर्कता और गति नियंत्रण में रखना न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए भी बेहद आवश्यक है।
सरकार और प्रशासन से अपेक्षा
इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त करना चाहिए। ड्राइवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड, और खराब सड़कों की मरम्मत जैसी पहल दुर्घटनाओं में कमी ला सकती हैं।
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