Chakradharpur Fire: बनारसी प्लेस साड़ी दुकान में भीषण आग, धू-धू कर जला लाखों का स्टॉक, बाल-बाल बचा शहर
चक्रधरपुर के एलआईसी भवन के सामने 'बनारसी प्लेस' साड़ी दुकान में लगी भीषण आग ने कोहराम मचा दिया है। लाखों के कीमती कपड़ों के जलकर राख होने और रिहायशी इलाकों पर मंडराते खतरे के बीच स्थानीय लोगों के साहस की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी चक्रधरपुर के बीचों-बीच हुई इस भीषण तबाही के पीछे का सच कभी नहीं जान पाएंगे।
चक्रधरपुर, 13 जनवरी 2026 – लौहनगरी से सटे चक्रधरपुर शहर के हृदय स्थल में मंगलवार की सुबह मंगलकारी नहीं रही। एलआईसी (LIC) भवन के ठीक सामने स्थित प्रसिद्ध साड़ी दुकान 'बनारसी प्लेस' में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे बाजार में अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें आसमान छू रही थीं और देखते ही देखते पूरी दुकान काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। इस अग्निकांड में लाखों रुपये की कीमती साड़ियां और फर्नीचर जलकर खाक हो गए हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने मोर्चा संभाल लिया, वरना यह आग पूरे मोहल्ले को राख कर सकती थी।
बाजार में हाहाकार: सुबह-सुबह बरपा आग का कहर
मंगलवार सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोल ही रहे थे, तभी बनारसी प्लेस के शटर के भीतर से धुआं निकलता देखा गया।
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तेजी से फैली लपटें: साड़ियों का भारी स्टॉक होने के कारण आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
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संकट में आसपास के मकान: दुकान रिहायशी इलाके से सटी होने के कारण पड़ोस के मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
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सक्रियता: सूचना मिलते ही झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सन्नी उरांव और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश जेना तुरंत हरकत में आए।
दमकल की 'सर्जिकल स्ट्राइक': सन्नी उरांव ने संभाला मोर्चा
इस बचाव कार्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने अद्भुत सक्रियता दिखाई।
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थाने से सीधे घटनास्थल: बताया जा रहा है कि सन्नी उरांव किसी काम से थाने में मौजूद थे। खबर मिलते ही वे दमकल की गाड़ी (Fire Brigade) के साथ खुद घटनास्थल पर पहुँचे।
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सामूहिक प्रयास: अग्निशमन कर्मियों के साथ-साथ पूर्व वार्ड पार्षद बिनय बर्मन, एंथोनी और बापी दत्ता जैसे गणमान्य लोगों ने स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर पानी की बौछारें शुरू कीं।
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बड़ा खतरा टला: करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल 10 मिनट भी देरी से पहुँचती, तो पूरी मार्केट चपेट में आ जाती।
चक्रधरपुर अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का स्थान | बनारसी प्लेस, एलआईसी भवन के सामने, चक्रधरपुर |
| नुकसान का आकलन | लाखों की साड़ियां और कीमती वस्त्र जलकर राख |
| प्रमुख सहयोगी | सन्नी उरांव, दिनेश जेना, बिनय बर्मन व अन्य |
| संभावित कारण | शॉर्ट सर्किट (जांच जारी) |
| वर्तमान स्थिति | आग पर काबू पाया गया, कूलिंग जारी |
लाखों का नुकसान: दुकानदार के आंसू नहीं थम रहे
बनारसी प्लेस के संचालक के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है।
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शादी का सीजन: लगन (शादी के सीजन) के लिए दुकान में साड़ियों का भारी स्टॉक मंगाया गया था। सिल्क, बनारसी और डिजाइनर साड़ियों का बड़ा हिस्सा राख के ढेर में बदल चुका है।
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फर्नीचर और इंटीरियर: दुकान का आधुनिक इंटीरियर और फॉल्स सीलिंग भी आग की चपेट में आने से पूरी तरह बर्बाद हो गया है।
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जांच की मांग: व्यापारियों ने मांग की है कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एकजुटता ने बचा लिया शहर
चक्रधरपुर के लोगों ने आज साबित कर दिया कि मुसीबत के वक्त पूरा शहर एक परिवार बन जाता है। सन्नी उरांव और स्थानीय युवाओं की मुस्तैदी ने एक बड़ी ऐतिहासिक दुर्घटना को टाल दिया।
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