Jharsuguda Blast: बड़ा रेल हादसा, झारसुगुड़ा स्टेशन के सिग्नल ऑफिस में भीषण आग, हावड़ा-मुंबई रूट ठप, धुआं-धुआं हुआ प्लेटफॉर्म
चक्रधरपुर रेल मंडल के झारसुगुड़ा स्टेशन पर सिग्नल एवं टेलीकॉम ऑफिस में लगी भीषण आग ने हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग को पूरी तरह थाम दिया है। धू-धू कर जलते करोड़ों के केबल और यात्रियों के बीच मची भगदड़ की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी भारतीय रेलवे के इस सबसे व्यस्त रूट पर आई इस बड़ी तबाही से अनजान रह जाएंगे।
झारसुगुड़ा, 13 जनवरी 2026 – दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस वक्त मौत का साया मंडराने लगा, जब स्टेशन के सबसे महत्वपूर्ण सिग्नल एवं टेलीकॉम (S&T) ऑफिस में भीषण आग लग गई। सुबह करीब 11 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में काला धुआं फैल गया। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने तुरंत पूरे प्लेटफॉर्म को खाली करा लिया और हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन पर इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इस अग्निकांड ने न केवल करोड़ों की रेल संपत्ति को राख कर दिया, बल्कि भारतीय रेलवे की लाइफलाइन मानी जाने वाली इस रूट पर हजारों यात्रियों को अधर में लटका दिया।
प्लेटफ़ॉर्म पर मची भगदड़: जब धुआं बना 'यमराज'
हादसा उस समय हुआ जब स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनें पहुँचने वाली थीं।
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अचानक भड़की आग: सिग्नल ऑफिस से अचानक आग की लपटें बाहर निकलने लगीं। चूंकि वहां भारी मात्रा में संचार केबल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थे, इसलिए आग ने पलक झपकते ही भयावह रूप ले लिया।
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खाली कराया गया स्टेशन: धुएं के कारण यात्रियों का दम घुटने लगा, जिसके बाद आनन-फानन में अनाउंसमेंट कर पूरे प्लेटफॉर्म को खाली कराया गया।
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फायर ब्रिगेड की एंट्री: सूचना मिलते ही झारसुगुड़ा नगर परिषद और रेलवे की फायर ब्रिगेड टीमें मौके पर पहुँचीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह तबाह हो चुका था।
हावड़ा-मुंबई रूट ठप: पहिए थमे, यात्री परेशान
सिग्नल एवं टेलीकॉम ऑफिस रेलवे का 'दिमाग' होता है, और इसके जलने का सीधा असर ट्रेन परिचालन पर पड़ा।
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सिस्टम क्रैश: आग से सिग्नलिंग केबल जल जाने के कारण हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग पूरी तरह फेल हो गई।
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ट्रेनें जहाँ की तहाँ रुकीं: 11 बजे से ही इस रूट पर चलने वाली सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों को पिछले स्टेशनों पर ही रोक दिया गया है।
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परिचालन बहाल करने की चुनौती: रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिस्टम को फिर से चालू करने में काफी समय लग सकता है क्योंकि केबलों का पूरा जाल जल चुका है।
झारसुगुड़ा रेल अग्निकांड: मुख्य विवरण (Railway Fire Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का समय | मंगलवार, सुबह करीब 11 बजे |
| प्रभावित रूट | हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग (CKP Division) |
| नुकसान | सिग्नलिंग केबल और टेलीकॉम उपकरण जलकर राख |
| यात्री सुरक्षा | प्लेटफॉर्म खाली कराया गया, कोई हताहत नहीं |
| वर्तमान स्थिति | दमकल ने आग बुझाई, तकनीकी मरम्मत जारी |
कारण अब भी रहस्य: साजिश या शॉर्ट सर्किट?
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और आला अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं, लेकिन आग लगने की असली वजह अभी भी साफ नहीं है।
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जांच कमेटी: डीआरएम (DRM) के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय तकनीकी कमेटी का गठन किया गया है जो यह जांच करेगी कि क्या यह केवल एक शॉर्ट सर्किट था या इसके पीछे कोई मानवीय लापरवाही थी।
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किसी के हताहत होने की खबर नहीं: राहत की बात यह रही कि ऑफिस में मौजूद कर्मचारी समय रहते बाहर निकल आए, जिससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
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यात्रियों का गुस्सा: घंटों से ट्रेनों के खड़े रहने के कारण यात्रियों में आक्रोश देखा जा रहा है, स्टेशन पर पीने के पानी और भोजन की किल्लत होने लगी है।
कब बहाल होगी रेल सेवा?
प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। केबलों को जोड़ने और सिग्नल को फिर से टेस्ट करने के बाद ही ट्रेनों को ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा।
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