Chaibasa Python: भारी दहशत, चाईबासा में सड़क पर आया 9 फीट लंबा विशालकाय अजगर, थम गईं गाड़ियां, घंटों मचा रहा मौत का खौफ
पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो प्रखंड में 9 फीट लंबे भारी-भरकम अजगर ने सड़क पर कब्जा कर घंटों तक आवाजाही रोक दी है। जंगल से भटककर आए इस शिकारी को देखने के लिए मची भगदड़ और वन विभाग के खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है वरना आप भी चाईबासा के इन जंगलों में छिपे इस विशाल खतरे से बेखबर रह जाएंगे।
चाईबासा, 30 दिसंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो प्रखंड में मंगलवार की सुबह किसी डरावनी फिल्म के सीन जैसी रही। चाईबासा–सेंरेंगसिया मुख्य सड़क पर कोदवो के समीप उस समय चीख-पुकार मच गई, जब राहगीरों ने बीच सड़क पर एक करीब 9 फीट लंबा और भारी-भरकम अजगर रेंगते हुए देखा। सुबह के 8 बजे जब लोग अपने कामों के लिए निकल रहे थे, तब इस विशालकाय शिकारी की मौजूदगी ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी। अजगर को देखते ही वाहन चालक ब्रेक मारने को मजबूर हो गए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सड़क पर 'महाकाय' का कब्जा: घंटों ठप रहा ट्रैफिक
आमतौर पर शांत रहने वाले इस मार्ग पर मंगलवार को सन्नाटा और शोर एक साथ देखने को मिला।
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हड़कंप का नजारा: जैसे ही अजगर सड़क के बीचों-बीच पहुँचा, राहगीरों में भगदड़ मच गई। जो लोग बाइक पर थे, वे पीछे हटने लगे।
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सेल्फी और वीडियो का जोखिम: डर के बावजूद कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मोबाइल से अजगर का वीडियो बनाने और फोटो खींचने लगे।
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जाम की स्थिति: अजगर अपनी मस्तानी चाल में सड़क पार कर रहा था, जिसके कारण करीब दो घंटे तक मुख्य सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
जंगल से भटककर आबादी के करीब: क्यों बाहर आया शिकारी?
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कोदवो के आसपास घने जंगल हैं।
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ठंड का असर: कड़ाके की ठंड में अक्सर सरीसृप (Reptiles) धूप सेंकने के लिए खुले स्थानों या सड़कों की ओर रुख करते हैं।
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शिकार की तलाश: वन विभाग का मानना है कि अजगर जंगल से भटककर छोटे मवेशियों या शिकार की तलाश में सड़क तक आ पहुँचा होगा।
टोंटो अजगर रेस्क्यू: मुख्य विवरण (Quick Facts)
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | कोदवो, चाईबासा–सेंरेंगसिया मुख्य मार्ग |
| लंबाई | लगभग 8 से 9 फीट |
| समय | मंगलवार सुबह 08:00 बजे |
| स्थिति | सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया |
| विभाग | टोंटो पुलिस और वन विभाग |
इतिहास और वन्यजीव: सारंडा के जंगलों का प्रभाव
पश्चिमी सिंहभूम और सारंडा का क्षेत्र अपनी जैव विविधता (Biodiversity) के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ के जंगलों में अजगर, किंग कोबरा और अन्य विशालकाय सांपों का मिलना कोई नई बात नहीं है। इतिहास में कई ऐसे वाकये दर्ज हैं जब 12 से 15 फीट लंबे अजगरों ने गांवों में घुसकर मवेशियों को निवाला बनाया है। चाईबासा–सेंरेंगसिया मार्ग वन क्षेत्र के बीच से गुजरता है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों का सड़क पर आना सामान्य है, लेकिन 9 फीट लंबे अजगर का सुबह-सुबह मुख्य सड़क पर आना यात्रियों के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता था।
वन विभाग का रेस्क्यू: सुरक्षित पहुँचाया गया घर
घटना की सूचना जैसे ही टोंटो पुलिस और वन विभाग को मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
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सावधानीपूर्वक रेस्क्यू: विशेषज्ञों ने लाठी और विशेष उपकरणों की मदद से अजगर को काबू में किया। भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही।
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जंगल में वापसी: अधिकारियों ने बिना किसी नुकसान के अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया और गहरे जंगल में ले जाकर छोड़ दिया।
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विभाग की चेतावनी: वन विभाग ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे जंगल के रास्तों पर वाहन चलाते समय सतर्क रहें और किसी भी जंगली जानवर को देखकर खुद उसे पकड़ने या परेशान करने की कोशिश न करें।
सावधानी ही बचाव है
कोदवो में दिखा यह अजगर प्रकृति और इंसानी बस्तियों के बीच बढ़ते टकराव का संकेत है। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और अजगर को उसका आशियाना वापस मिल गया। टोंटो प्रखंड के लोगों को अब रात के साथ-साथ दिन में भी इन रास्तों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
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