राहुल गांधी ने हिंदू धर्म को दो भागों में बांट दिया, कांग्रेस ने बार-बार हिंदुओं को निशाना क्यों बनाया?

राहुल गांधी का यह पहला भाषण था जब उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में लोकसभा में अपनी बात रखी। उनके बयानों ने सदन में गर्म बहस को जन्म दिया। सरकार की ओर से दी गई प्रतिक्रिया ने इस विवाद को और भी बढ़ा दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि भारतीय राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला कितना तीखा हो सकता है।

Jul 1, 2024 - 23:35
Jul 1, 2024 - 23:41
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राहुल गांधी ने हिंदू धर्म को दो भागों में बांट दिया, कांग्रेस ने बार-बार हिंदुओं को निशाना क्यों बनाया?
हिंदू धर्म को लेकर राहुल गांधी की अभद्र टिप्पणी, कांग्रेस ने बार-बार हिंदुओं को निशाना क्यों बनाया?

लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर जोरदार हमला किया, विशेषकर अग्निपथ योजना के संदर्भ में। उन्होंने इस योजना को "उपयोग करो और फेंको" की नीति करार दिया। राहुल गांधी ने कहा, "अग्निवीर एक उपयोग और फेंको श्रमिक हैं। एक जवान को पेंशन मिल रही है, जबकि दूसरे को नहीं। आप जवानों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं।"

सरकार की प्रतिक्रिया: अश्विनी वैष्णव का आरोप

राहुल गांधी के इन बयानों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी पर अग्निपथ योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया। वैष्णव ने कहा, "आज उन्होंने (राहुल गांधी) कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत शहीदों को मुआवजा नहीं मिलेगा। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अग्निवीर योजना के तहत 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को कई बार उठाकर झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश की है।"

हिंदू समाज पर टिप्पणी: विवाद का कारण

राहुल गांधी के भाषण का एक और विवादास्पद हिस्सा उनके 'हिंसक हिंदू' के बयान को लेकर था। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने हिंदू समाज को हिंसक और झूठा बना दिया है। इस पर वैष्णव ने कहा, "आज राहुल गांधी ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक और असत्य कहा है। उन्होंने हिंदू समाज का अपमान किया है। राहुल गांधी ने आज नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम कर दिया है।"

संसदीय मर्यादा का मुद्दा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अगर किसी सांसद द्वारा असत्य बयान दिया गया है तो उसके लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने स्पीकर से अनुरोध किया है कि अगर किसी सदस्य द्वारा असत्य बयान दिया जाता है तो उसे सुधारने का निर्देश दिया जाए।"

'पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना बहुत गंभीर विषय है!'

लोकसभा में राहुल गांधी ने हिन्दू समाज को कहा हिंसक, तो पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने तुरंत जताया विरोध।