weather alert : 14 राज्यों में बारिश, आंधी और ओलों की चेतावनी, 5 मार्च तक बिगड़ा रहेगा मौसम
भारत में मौसम का बड़ा बदलाव! 14 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी। जानिए, कब और कहां बदलेगा मौसम और कैसे रहें सुरक्षित।

भारत में फिर बदल रहा है मौसम का मिजाज! भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। 2 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी। जानिए, किन-किन राज्यों में मौसम का असर सबसे ज्यादा होगा और क्या कहते हैं विशेषज्ञ!
मौसम का खेल: कब और कहां होगी बारिश?
IMD के अनुसार, 28 फरवरी से लेकर 5 मार्च तक देश के कई हिस्सों में लगातार मौसम खराब रहेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश की संभावना है। साथ ही, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भी गरज-चमक के साथ बारिश होगी।
1 मार्च:
- अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना।
- असम और मेघालय में भी मौसम बदलेगा।
- दक्षिण केरल, लक्षद्वीप और मन्नार की खाड़ी में तेज हवाएं चलेंगी।
2 मार्च:
- केरल और माहे के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश।
- लक्षद्वीप में 35 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
- समुद्री इलाकों में मछुआरों को सावधान रहने की चेतावनी।
बर्फबारी से फिर जमेगा उत्तर भारत
IMD के मुताबिक, 2 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बर्फबारी होगी। उत्तराखंड में 2 से 4 मार्च तक बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।
इतिहास में ऐसा कैसा रहा मौसम?
अगर हम पिछले कुछ वर्षों के मौसम को देखें, तो फरवरी-मार्च के महीनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में अक्सर बारिश और बर्फबारी देखी गई है। 2019 में भी इसी तरह का एक बड़ा पश्चिमी विक्षोभ आया था, जिसने दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि कराई थी।
क्या होगा प्रभाव?
- खेती पर असर: बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसल को नुकसान हो सकता है। गेहूं, सरसों और चने की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।
- यातायात पर असर: पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश से सड़कों पर फिसलन बढ़ेगी, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
- बिजली संकट: तेज़ आंधी और बिजली गिरने से कई राज्यों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना है।
क्या करें सुरक्षित रहने के लिए?
- घर से बाहर निकलते समय बारिश और तेज़ हवा से बचने के लिए छाता या रेनकोट का इस्तेमाल करें।
- किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए पहले से उचित कदम उठाएं।
- मछुआरे समुद्री क्षेत्रों में न जाएं, क्योंकि वहां तेज़ हवाएं और ऊँची लहरें खतरनाक हो सकती हैं।
अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। IMD की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी को सतर्क रहना चाहिए। मौसम अपडेट्स के लिए सरकारी एजेंसियों के अलर्ट पर नजर बनाए रखें और सुरक्षित रहें।
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