Ulidih Tragedy: रिक्शा चालक ने पूजा पंडाल में क्यों लगाई फांसी? शांत स्वभाव के पीछे छिपा था कौन सा दर्द, शहर हुआ स्तब्ध!
क्या काली पूजा के पवित्र माहौल में हुई इस हृदयविदारक घटना के पीछे कोई गहरा राज है? उलीडीह चेकपोस्ट पर रिक्शा चालक ने बांस के ढांचे में फांसी क्यों लगाई? शांत और मिलनसार व्यक्ति के आत्महत्या करने के पीछे की आर्थिक या मानसिक परेशानी क्या थी? पुलिस हर कोण से क्यों कर रही है जांच? पूरी रिपोर्ट पढ़िए!
उलीडीह, 25 अक्टूबर 2025 - जमशेदपुर का उलीडीह थाना क्षेत्र शुक्रवार देर रात एक हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना का गवाह बना। जहां एक तरफ शहर में काली पूजा की तैयारियां चल रही हैं और भक्ति का माहौल है, वहीं चेकपोस्ट के समीप बने पूजा पंडाल के पास ही एक वृद्ध रिक्शा चालक ने बांस के ढांचे में रस्सी के सहारे फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने स्थानीय लोगों और पुलिस को गहरे सवाल के घेरे में ला खड़ा किया है।
शांत स्वभाव के पीछे का अज्ञात दर्द
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, मृतक व्यक्ति रिक्शा चालक था और रोज चेकपोस्ट व आसपास के क्षेत्रों में रिक्शा चलाते देखा जाता था। उसकी सबसे हैरान करने वाली पहचान उसका शांत और सहज स्वभाव था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अक्सर शाम को इलाके में दिखाई देता था और कल शाम (शुक्रवार शाम) भी उसे पंडाल के आसपास मौजूद लोगों ने सामान्य रूप से देखा था। किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि वह व्यक्ति इतनी जल्दी, और इतने पवित्र स्थान के पास, ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगा।
सवाल यह है कि एक शांत और मेहनती व्यक्ति को इस हद तक मजबूर करने वाली कौन सी आर्थिक या मानसिक परेशानी थी, जिसका पता किसी को नहीं चल पाया? यह घटना एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक तंगी के गंभीर मुद्दों को उजागर करती है, जिनसे अक्सर समाज का सबसे कमजोर तबका जूझता है।
पहचान बना पहेली: पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
मौके पर पहुंची उलीडीह थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है।
-
कोई दस्तावेज नहीं: पुलिस को मृतक के पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे उसकी पहचान हो सके।
-
जांच का दायरा: पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के रिक्शा चालकों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि उसके परिवार तक पहुँचा जा सके।
उलीडीह पुलिस ने कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन वे हर कोण से जांच कर रहे हैं। क्या उस पर कोई कर्ज था? क्या उसे किसी ने धमकाया था? या वह किसी व्यक्तिगत तनाव से गुजर रहा था? ये तमाम सवाल अभी अनसुलझे हैं। पुलिस ने शव को एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पवित्र स्थल पर आत्महत्या: एक गंभीर संकेत
काली पूजा पंडाल के पास इस तरह की घटना होना समाज के लिए एक गंभीर संकेत है। यह दर्शाता है कि त्योहारों और उत्सवों के माहौल में भी कुछ लोग कितनी गहरी निराशा और अकेलेपन में जी रहे होते हैं। यह आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की मानसिक और वित्तीय समस्याओं पर ध्यान दें।
पाठकों से आग्रह:
यदि आप इस मृतक रिक्शा चालक की पहचान के बारे में कोई भी जानकारी रखते हैं, तो कृपया तत्काल उलीडीह थाना पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। आपका एक कदम उसके परिवार तक पहुँचने में मदद कर सकता है।
What's Your Reaction?


