Jamshedpur Smuggling: जमशेदपुर के होटल में वन विभाग की छापेमारी, समुद्री कोरल की अवैध तस्करी का खुलासा, 4 गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का शक
जमशेदपुर के साकची स्थित होटल विराट में वन विभाग ने छापा मारकर समुद्री जीव कोरल की अवैध तस्करी का बड़ा खुलासा किया। 4 आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार। कोरल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है। तस्करी का नेटवर्क व्यापक हो सकता है।
जमशेदपुर, 22 नवंबर 2025 – जमशेदपुर (Jamshedpur) शहर के साकची (Sakchi) थाना क्षेत्र में स्थित होटल विराट (Hotel Virat) में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप (Commotion) मच गया, जब वन विभाग (Forest Department) की टीम ने अचानक छापेमारी (Raid) कर समुद्री जीव कोरल (Coral) की अवैध तस्करी (Illegal Smuggling) का एक बड़ा मामला उजागर किया। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो झारखंड (Jharkhand) को अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क (International Smuggling Network) के संभावित केंद्र के रूप में उजागर करती है। कोरल एक संरक्षित जीव (Protected Species) है, जिसका अवैध कारोबार साफ तौर पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) का उल्लंघन है।
गुप्त सूचना पर कार्रवाई: 4 आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार
वन विभाग को गुप्त सूत्रों (Secret Sources) से पुख्ता सूचना मिली थी कि होटल के एक कमरे में कोरल के अवैध कारोबार का सौदा (Illegal Transaction) होने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए विभाग की एक विशेष टीम (Special Team) ने तत्परता दिखाते हुए होटल विराट पर दबिश दी।
-
गिरफ्तारी: टीम ने मौके से चार लोगों को रंगे हाथों (Red-Handed) गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं: पश्चिम सिंहभूम (West Singhbhum) के हाट गम्हारिया निवासी हरिचरण गोप, रांची (Ranchi) के राहे का दीपक कुमार महतो, रांची के मांडर का प्रमोद कैवर्ता और ध्रुवा का अभय कुमार।
-
बरामदगी: तलाशी के दौरान कमरे से समुद्री कोरल बरामद हुआ। कोरल की मात्रा, उसकी प्रजाति (Species) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत (International Market Price) का आकलन विशेषज्ञों (Experts) की मदद से किया जा रहा है। यह सामान्यता सजावट, ज्वैलरी और कई तरह के झाड़-फूंक के लिए अवैध बाजार में बेचा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ (Preliminary Interrogation) में गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं।
-
व्यापक नेटवर्क: इन जानकारियों से यह संकेत मिलता है कि कोरल की तस्करी का यह नेटवर्क काफी व्यापक (Widespread) हो सकता है और इसके तार राज्य के बाहर के राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों की टीम अब उनके संपर्कों, सप्लाई चैन (Supply Chain) और संभावित खरीदारों (Potential Buyers) की पहचान में जुट गई है।
-
एजेंसियों से समन्वय: मामले की गंभीरता को देखते हुए, वन विभाग ने इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों (Other Agencies) के साथ भी समन्वय (Coordination) बढ़ा दिया है।
वन विभाग ने साफ किया है कि पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) से जुड़े ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक प्रक्रिया (Judicial Process) के तहत अदालत में पेश किया जाएगा।
What's Your Reaction?


