Republic Day Prade 2025: घाटशिला की बेटी श्रुति रॉय ने बढ़ाया जिले का मान!
घाटशिला की एनसीसी कैडेट सार्जेंट श्रुति रॉय ने 26 जनवरी 2025 को दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर पूर्वी सिंहभूम और झारखंड का मान बढ़ाया। जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी।

गणतंत्र दिवस परेड 2025: घाटशिला की सार्जेंट श्रुति रॉय बनीं झारखंड की शान
घाटशिला: संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर की छात्रा और एनसीसी कैडेट सार्जेंट श्रुति रॉय ने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड और पूर्वी सिंहभूम का नाम रोशन कर दिया है। 26 जनवरी 2025 को राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड समारोह में भाग लेकर उन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत का अद्भुत परिचय दिया।
इस उपलब्धि तक पहुँचने के लिए श्रुति ने कुल 7 चयन शिविरों में हिस्सा लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का दिल जीता। श्रुति अपने जिले से इस प्रतिष्ठित परेड में चयनित होने वाली अकेली कैडेट हैं, जो न केवल उनके परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे घाटशिला अनुमंडल के लिए गर्व का क्षण है।
सफलता की कहानी
श्रुति रॉय की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत का अहम योगदान है। एनसीसी अधिकारी डॉ. प्रसेनजीत कर्मकार और विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती नीलकमल सिन्हा ने बताया कि श्रुति बचपन से ही लगनशील और मेहनती रही हैं। एनसीसी ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने न केवल अनुशासन का पालन किया बल्कि हर गतिविधि में अपनी प्रतिभा दिखाई।
श्रुति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेना मेरा सपना था। इसके लिए मैंने हर दिन घंटों मेहनत की और अपनी तैयारी को मजबूत बनाया। मेरे शिक्षकों, परिजनों और दोस्तों ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया।"
विद्यालय और जिले का गौरव
श्रुति की इस उपलब्धि पर संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर के पूरे विद्यालय परिवार में खुशी की लहर है। प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने कहा, "श्रुति ने न केवल हमारे विद्यालय, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।"
एनसीसी अधिकारी डॉ. प्रसेनजीत कर्मकार ने भी श्रुति की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।
क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक
श्रुति रॉय का चयन पूर्वी सिंहभूम और घाटशिला अनुमंडल के लिए गर्व का क्षण है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासन ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों के युवा भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन
गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनना हर एनसीसी कैडेट का सपना होता है। श्रुति रॉय ने इस सपने को साकार करके न केवल अपने परिवार बल्कि अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनके इस प्रयास से अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
सार्जेंट श्रुति रॉय की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। यह सफलता दिखाती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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