Seraikela Raid: बड़ा एक्शन, सरायकेला में बालू माफियाओं पर कहर, डीसी के निर्देश पर आधी रात को बिछाया जाल, जब्त हुए ट्रक
सरायकेला के कांड्रा-टाटा मार्ग पर डीसी नितिश कुमार सिंह के कड़े आदेश के बाद जिला खनन विभाग ने बड़ी छापेमारी कर बालू लदे दो ओवरलोड ट्रक जब्त किए हैं। बालू माफियाओं के सिंडिकेट को ध्वस्त करने और प्रशासन की इस गुप्त घेराबंदी की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी जिले की नदियों को खोखला करने वाले इस 'सफेद खेल' की हकीकत कभी नहीं जान पाएंगे।
सरायकेला-खरसावां, 6 जनवरी 2026 – झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध खनिज संपदा की लूट करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। सोमवार को जिला उपायुक्त (DC) नितिश कुमार सिंह के एक गोपनीय निर्देश ने बालू माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया। कांड्रा थाना क्षेत्र के पिंडराबेड़ा इलाके में खनन विभाग की टीम ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध बालू परिवहन में शामिल दो ओवरलोड ट्रकों को रंगे हाथों धर दबोचा। यह कार्रवाई केवल वाहनों की जब्ती नहीं है, बल्कि उस सिंडिकेट को एक सीधा संदेश है जो रातों-रात सरकारी खजाने और पर्यावरण को चूना लगा रहा है।
पिंडराबेड़ा में घेराबंदी: जब प्रशासन के चंगुल में फंसे 'धंधेबाज'
कांड्रा-टाटा मुख्य मार्ग, जो खनिज परिवहन के लिए लाइफलाइन माना जाता है, सोमवार को प्रशासन की सख्त निगरानी में था।
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अचानक जांच: जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने पिंडराबेड़ा के पास नाकेबंदी की।
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पकड़ी गई खेप: जांच के दौरान दो ट्रक (नंबर JH05BS-2996 और JH01DB-2401) क्षमता से कहीं अधिक बालू लादे हुए पाए गए। उनके पास मौजूद कागजात और बालू की मात्रा में भारी अंतर था।
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थाना सुपुर्द: पकड़े गए दोनों ट्रकों को तत्काल कांड्रा थाना में जब्त कर खड़ा कर दिया गया है। पुलिस अब इन ट्रकों के मालिकों और उस घाट का सुराग लगा रही है जहाँ से यह बालू उठाया गया था।
डीसी का आदेश: "बख्शा नहीं जाएगा कोई भी अपराधी"
जिले की कमान संभालने के बाद डीसी नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि खनिजों की चोरी उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
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शून्य सहनशीलता: जिला खनन पदाधिकारी ने प्रेस को बताया कि अवैध खनन, भंडारण या परिवहन के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है।
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नियमित छापेमारी: अब केवल मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि उन गुप्त रास्तों पर भी नजर रखी जाएगी जिनका उपयोग माफिया रात के अंधेरे में करते हैं।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: जब्त वाहनों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर उनका परमिट रद्द करने की अनुशंसा भी की जा सकती है।
सरायकेला खनन एक्शन: जब्ती का पूरा ब्योरा (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मुख्य कार्रवाई स्थल | पिंडराबेड़ा, कांड्रा-टाटा मुख्य मार्ग |
| जब्त वाहन नंबर | JH05BS-2996 & JH01DB-2401 |
| प्रभारी अधिकारी | जिला खनन पदाधिकारी (सरायकेला) |
| अपराध का स्वरूप | अवैध बालू परिवहन और ओवरलोडिंग |
| वर्तमान स्थिति | कांड्रा थाना में केस दर्ज |
इतिहास और रसूख: खरकई और स्वर्णरेखा का 'सफेद सोना'
सरायकेला-खरसावां जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी दो प्रमुख नदियों—स्वर्णरेखा और खरकई—के कारण बालू खनन का केंद्र रहा है। 1990 के दशक तक यहाँ का बालू केवल स्थानीय जरूरतों के लिए निकाला जाता था, लेकिन जैसे-जैसे जमशेदपुर और सरायकेला में निर्माण उद्योग बढ़ा, यह बालू 'सफेद सोना' बन गया। पिछले 10 वर्षों में यहाँ कई शक्तिशाली 'सैंड सिंडिकेट' सक्रिय हुए हैं, जो आधुनिक जीपीएस तकनीक और मुखबिरों का जाल फैलाकर पुलिस को चकमा देते हैं। पिंडराबेड़ा का यह इलाका हमेशा से इन ट्रकों के लिए सेफ पैसेज रहा है। प्रशासन की इस ताजा कार्रवाई ने उस पुराने रसूख को चुनौती दी है जो यह मानते थे कि वे सिस्टम से ऊपर हैं।
माफियाओं के रडार पर 'मुखबिर': प्रशासन की अगली चाल
इस छापेमारी की खास बात यह रही कि इसकी भनक स्थानीय स्तर पर किसी को नहीं थी।
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गोपनीयता: डीसी ने सीधे खनन विभाग को टास्क दिया, जिससे स्थानीय 'लीक' होने की संभावना खत्म हो गई।
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नदियों पर नजर: प्रशासन अब नदियों के उन अवैध घाटों पर सीसीटीवी लगाने और ड्रोन से निगरानी करने की योजना बना रहा है।
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आर्थिक चोट: एक ट्रक के जब्त होने का मतलब है माफियाओं को लाखों का नुकसान। प्रशासन का लक्ष्य अब उनकी कमर तोड़ना है ताकि वे इस अवैध धंधे से तौबा कर लें।
कानून का राज बहाल
कांड्रा में हुई यह छापेमारी केवल शुरुआत है। डीसी नितिश कुमार सिंह की सख्ती ने यह साफ कर दिया है कि सरायकेला-खरसावां की धरती पर खनिजों की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन अब उन लोगों की पहचान कर रहा है जो पर्दे के पीछे रहकर इन ट्रकों को संरक्षण देते हैं।
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