Ranchi Politics: बाबूलाल मरांडी का बड़ा वार – “झारखंड को योजनाबद्ध तरीके से लूटा जा रहा है”
रांची की राजनीति गरमाई! बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन और डीजीपी पर बड़े आरोप लगाए। 65 लाख की वसूली और शराब घोटाले का जिक्र कर कहा – “झारखंड को योजनाबद्ध तरीके से लूटा जा रहा है।
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर सत्ता और विपक्ष का घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के डीजीपी पर सीधे निशाना साधते हुए गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है।
मरांडी का कहना है कि सरकार और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से राज्य में अवैध गतिविधियों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा –
“लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में भले देर से सजा मिली, लेकिन झारखंड के लुटेरे भी कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे।”
वांटेड अपराधी डीजीपी ऑफिस में!
मरांडी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि रामगढ़ पुलिस का वांटेड अपराधी राजेश राम, जो फिलहाल जमानत पर है, अक्सर डीजीपी कार्यालय में आता-जाता रहा।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने कभी उस पर कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं समझी। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा थाना प्रभारी और डीजीपी के नज़दीकी अफसरों पर भी इस मामले में गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
65 लाख रुपये की वसूली और वायरल ऑडियो
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि पुलिस मुख्यालय में तैनात एक सिपाही ने कारोबारी से संपर्क कर राजेश राम के ज़रिये 65 लाख रुपये की वसूली करवाई। इस ऑडियो क्लिप को लेकर मरांडी ने कहा कि यह किसी “फिल्मी स्क्रिप्ट” जैसा लग सकता है, लेकिन दरअसल यही झारखंड की हकीकत है।
मुख्यमंत्री पर सीधा वार
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब घोटाले में सौ करोड़ से अधिक की हेराफेरी हुई और चार्जशीट समय पर दाखिल न होने से कई बड़े माफिया जमानत पर छूट गए।
मरांडी का सवाल था –
“क्या मुख्यमंत्री को इसमें हिस्सा मिला? और अगर नहीं, तो ज़िम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
राजनीतिक इतिहास और झारखंड की तस्वीर
झारखंड में भ्रष्टाचार और सत्ता-संघर्ष का इतिहास पुराना है।
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2006-2010 के बीच मदु कोड़ा पर खनन घोटाले का आरोप लगा था, जिसमें हजारों करोड़ की अवैध कमाई की बात सामने आई थी।
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2012 में अर्जुन मुंडा सरकार भी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोपों से घिरी थी।
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वहीं, हाल के वर्षों में शराब, खनन और बालू घोटाले की गूंज लगातार सुनाई देती रही है।
इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच बाबूलाल मरांडी के ताज़ा आरोप झारखंड की सियासत को और गर्मा रहे हैं।
विपक्ष बनाम सरकार – बढ़ता टकराव
भाजपा जहां लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है, वहीं झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती आई है। परंतु मरांडी के ताज़ा बयानों ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड की राजनीति आने वाले दिनों में और भी उथल-पुथल भरी होने वाली है।
मरांडी के आरोपों ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। सत्ता पक्ष पर सवालों की बौछार जारी है और विपक्ष इसे बड़े मुद्दे के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या ये आरोप जांच एजेंसियों तक पहुंचते हैं या सिर्फ राजनीति की जंग का हिस्सा बनकर रह जाते हैं।
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