Ranchi Raid: बड़ा धमाका, रांची में ब्राउन शुगर नेटवर्क का पर्दाफाश, 3 महिलाओं सहित 7 तस्कर ढेर, 16 कांडों का इनामी अपराधी अम्बर भी दबोचा गया

रांची पुलिस ने शांतिनगर में छापेमारी कर ब्राउन शुगर के बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। 3 महिलाओं और 16 केसों के आरोपी अम्बर राम सहित 7 तस्करों की गिरफ्तारी और बरामद नशीले सामान की यह पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी राजधानी में फैल रहे नशे के इस काले कारोबार की गहराई को नहीं समझ पाएंगे।

Dec 31, 2025 - 21:01
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Ranchi Raid: बड़ा धमाका, रांची में ब्राउन शुगर नेटवर्क का पर्दाफाश, 3 महिलाओं सहित 7 तस्कर ढेर, 16 कांडों का इनामी अपराधी अम्बर भी दबोचा गया
Ranchi Raid: बड़ा धमाका, रांची में ब्राउन शुगर नेटवर्क का पर्दाफाश, 3 महिलाओं सहित 7 तस्कर ढेर, 16 कांडों का इनामी अपराधी अम्बर भी दबोचा गया

रांची, 31 दिसंबर 2025 – झारखंड की राजधानी रांची में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के गुप्त निर्देश पर सदर थाना पुलिस ने तिरिल रोड स्थित एक घर में दबिश देकर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर के साथ एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 3 महिलाओं समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह का सरगना अम्बर कुमार राम है, जिस पर पहले से ही हत्या और लूट जैसे 16 संगीन मामले दर्ज हैं। रांची पुलिस की इस कार्रवाई से नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

तिरिल रोड पर आधी रात का एक्शन: शांतिनगर में मची खलबली

सदर थाना पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि तिरिल रोड नंबर-10 स्थित बाबला राम के घर से नशे का बड़ा कारोबार संचालित किया जा रहा है।

  • घेराबंदी: पुलिस की स्पेशल टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेरा और बाबला राम के घर पर छापेमारी की।

  • गिरफ्तारी: अम्बर कुमार राम उर्फ टमन की निशानदेही पर पुलिस ने एक के बाद एक 7 लोगों को दबोचा। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं, जो ब्राउन शुगर की पुड़िया बनाने और उसकी डिलीवरी का काम देख रही थीं।

  • बरामदगी: तलाशी के दौरान 85.71 ग्राम ब्राउन शुगर मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

केटीएम बाइक और इलेक्ट्रॉनिक कांटा: हाईटेक तरीके से होती थी सप्लाई

यह गिरोह केवल नशा नहीं बेच रहा था, बल्कि पूरी तरह एक कॉर्पोरेट स्टाइल में काम कर रहा था।

  1. वजन मशीन: पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन जब्त की है, जिससे तस्कर ब्राउन शुगर की सटीक तौल कर छोटे पैकेट बनाते थे।

  2. लग्जरी डिलीवरी: नशे की खेप पहुँचाने के लिए एक केटीएम मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पुलिस की नजरों से बचकर तेजी से भागा जा सके।

  3. कैश और मोबाइल: आरोपियों के पास से ₹7300 नकद और 7 महंगे स्मार्टफोन्स मिले हैं, जिनसे ड्रग्स के ऑर्डर लिए जाते थे।

रांची ड्रग्स केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी
मुख्य आरोपी अम्बर कुमार राम (16 आपराधिक मामले दर्ज)
कुल गिरफ्तार 07 (3 महिलाएं और 4 पुरुष)
बरामद सामग्री 85.71 ग्राम ब्राउन शुगर, केटीएम बाइक
स्थान शांतिनगर तिरिल रोड नंबर-10, रांची
पुलिस टीम सदर थाना एवं एसएसपी की स्पेशल टीम

इतिहास और अपराध: रांची में 'ब्राउन शुगर' का बढ़ता जाल

रांची के सदर, लोअर बाजार और जगन्नाथपुर इलाके ऐतिहासिक रूप से नशे की सप्लाई के लिए बदनाम रहे हैं। पहले यहाँ अफीम और गांजे का धंधा होता था, लेकिन पिछले 2-3 वर्षों में 'ब्राउन शुगर' (स्मैक) ने युवाओं को अपनी चपेट में ले लिया है। अम्बर कुमार राम जैसे अपराधियों का इतिहास बताता है कि वे पहले चोरी और छिनतई के मामलों में जेल जा चुके हैं, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने ज्यादा मुनाफे के लिए ड्रग्स की तस्करी शुरू कर दी। रांची पुलिस के डेटा के अनुसार, 2025 में नशे के खिलाफ यह सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है, क्योंकि इसमें पूरे 'पारिवारिक सिंडिकेट' (महिलाओं सहित) को पकड़ा गया है।

16 कांडों का मास्टरमाइंड: अम्बर राम का काला चिट्ठा

गिरफ्तार अम्बर कुमार राम रांची पुलिस के लिए 'सिरदर्द' बना हुआ था।

  • अपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस जांच में सामने आया है कि अम्बर पर केवल सदर थाना में ही 13 मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य थानों में 3 और मामले हैं।

  • निशाने पर युवा: यह गिरोह कॉलेज स्टूडेंट्स और मजदूरों को अपना मुख्य ग्राहक बनाता था। महिलाओं की मौजूदगी के कारण पुलिस और पड़ोसियों को शक नहीं होता था, जिसका फायदा ये तस्कर उठा रहे थे।

  • पूछताछ जारी: पुलिस अब अम्बर से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि उसे यह ब्राउन शुगर की खेप कहाँ से सप्लाई हो रही थी। क्या इसके तार ओडिशा या बंगाल के तस्करों से जुड़े हैं?

नशे मुक्त रांची की ओर कदम

एसएसपी राकेश रंजन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि राजधानी में ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। शांतिनगर जैसे रिहायशी इलाकों में इस तरह का सिंडिकेट चलना सुरक्षा पर बड़ा सवाल था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इसे समय रहते ध्वस्त कर दिया।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।