Hazaribagh Murder: तलवारबाजी, हजारीबाग में युवक की गर्दन काटी, बीच सड़क घसीटते हुए ले गए हत्यारे, इंद्रपुरी चौक पर हुई नृशंस हत्या

हजारीबाग के इंद्रपुरी चौक पर नए साल की रात सूरज राणा की तलवार से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। आरोपियों द्वारा उसे सड़क पर घसीटने और पुलिस के पहुँचने से पहले हुए इस खौफनाक हत्याकांड की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर के बीचों-बीच हुई इस हैवानियत के सच से अनजान रह जाएंगे।

Jan 2, 2026 - 13:25
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Hazaribagh Murder: तलवारबाजी, हजारीबाग में युवक की गर्दन काटी, बीच सड़क घसीटते हुए ले गए हत्यारे, इंद्रपुरी चौक पर हुई नृशंस हत्या
Hazaribagh Murder: तलवारबाजी, हजारीबाग में युवक की गर्दन काटी, बीच सड़क घसीटते हुए ले गए हत्यारे, इंद्रपुरी चौक पर हुई नृशंस हत्या

हजारीबाग, 2 जनवरी 2026 – नए साल का जश्न अभी शुरू ही हुआ था कि हजारीबाग की गलियाँ खून से लाल हो गईं। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक इंद्रपुरी चौक पर बुधवार की देर रात एक युवक की तलवार से काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मड़ई खुर्द निवासी सूरज कुमार राणा (30) के रूप में हुई है। यह महज एक हत्या नहीं, बल्कि सरेआम दी गई एक तालिबानी सजा जैसी थी, जहाँ हमलावरों ने पहले सूरज को बीच सड़क पर घसीटा और फिर तलवार से वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। इस घटना ने हजारीबाग की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंद्रपुरी से लाल कोठी तक: मौत का वो सफर

1 जनवरी की रात करीब 10 बजे जब शहर कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहा था, तब इंद्रपुरी चौक पर एक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।

  • बहस से शुरू हुई बात: सूरज कुमार राणा पेशे से टाइल्स-मार्बल मिस्त्री था। बुधवार रात उसकी कुछ अज्ञात युवकों से कहासुनी हो गई।

  • घसीटकर ले गए हत्यारे: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी सूरज को जबरन खींचकर रेडक्रॉस भवन के पास ले गए। वहां उसके साथ जमकर मारपीट की गई।

  • तलवार से अंतिम प्रहार: आरोपी उसे पीटते हुए लाल कोठी चौक की ओर ले गए और वहां किसी ने उस पर तलवार से हमला कर दिया। सूरज खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा।

पुलिस की देरी और 'डेड डिक्लेरेशन'

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब सूरज को घसीटा जा रहा था, तभी पुलिस को सूचना दी गई थी।

  1. देर से पहुँची पुलिस: हजारीबाग पुलिस जब तक मौके पर पहुँचती, तब तक हमलावर अपना काम कर चुके थे और फरार हो गए थे।

  2. अस्पताल में मौत: पुलिस ने लहूलुहान सूरज को तत्काल सदर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन रात करीब 12 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  3. अफरा-तफरी: रात के सन्नाटे में हुई इस चीख-पुकार ने इंद्रपुरी चौक के आसपास रहने वाले लोगों को दहशत में डाल दिया है।

हजारीबाग हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी
मृतक का नाम सूरज कुमार राणा (30 वर्ष)
पेशा टाइल्स-मार्बल मिस्त्री
घटना स्थल इंद्रपुरी चौक से लाल कोठी चौक (हजारीबाग)
हथियार तलवार (Sword)
वर्तमान स्थिति कई संदिग्ध हिरासत में, जांच जारी

इतिहास और खौफ: हजारीबाग के चौक-चौराहों पर बढ़ता क्राइम

हजारीबाग का इंद्रपुरी चौक और रेडक्रॉस भवन इलाका ऐतिहासिक रूप से शहर का दिल माना जाता है। यहाँ हमेशा चहल-पहल रहती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रात के समय यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। हजारीबाग का इतिहास रहा है कि यहाँ वर्चस्व या आपसी रंजिश में अक्सर युवा गुटों के बीच हिंसक झड़पें होती हैं। सूरज राणा की हत्या ने साल 2024 में हुए ऐसे ही एक विवाद की याद दिला दी है, जहाँ मामूली बात पर जान ले ली गई थी। मड़ई खुर्द जैसे शांतिपूर्ण इलाके के एक मेहनतकश युवक का इस तरह शिकार होना शहर की कानून-व्यवस्था पर गहरा दाग है।

दो मासूमों के सिर से उठा साया: मातम में परिवार

सूरज केवल एक मिस्त्री नहीं था, बल्कि अपने परिवार का एकमात्र सहारा था।

  • अनाथ हुए बच्चे: सूरज की शादी करीब 5 साल पहले हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिन्हें शायद पता भी नहीं कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।

  • मोहल्ले में सन्नाटा: मड़ई खुर्द में जैसे ही सूरज का पार्थिव शरीर पहुँचा, कोहराम मच गया। स्थानीय लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

  • पुलिस की दबिश: पुलिस ने मामला दर्ज कर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। डीएसपी स्तर के अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि मुख्य आरोपियों को जल्द दबोचा जा सके।

सुरक्षा पर सुलगते सवाल

इंद्रपुरी चौक पर हुई इस तलवारबाजी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब पुलिस के खौफ से मुक्त हो चुके हैं। नए साल की पहली रात जब पुलिस को अलर्ट पर होना चाहिए था, तब शहर के बीचों-बीच एक युवक को मौत के घाट उतार दिया गया। सूरज राणा के परिवार को इंसाफ कब मिलेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन इस घटना ने हजारीबाग के लोगों के मन में डर का बीज जरूर बो दिया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।