Dhanbad Fire: मची तबाही, धनबाद में नए साल का जश्न मातम में बदला, निरसा बाजार की 13 दुकानें जलकर खाक, लाखों की संपत्ति राख
धनबाद के निरसा बाजार में नए साल की आधी रात भीषण आग लगने से 13 से अधिक दुकानें पूरी तरह स्वाहा हो गई हैं। इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट, 20 लाख का नुकसान और दुकानदारों की उजड़ी दुनिया की यह रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी कोयलांचल के इस भयानक अग्निकांड के पीछे की बड़ी वजह को नहीं जान पाएंगे।
धनबाद/निरसा, 2 जनवरी 2026 – कोयलांचल धनबाद में नए साल का स्वागत खुशियों के बजाय आग की लपटों और चीख-पुकार के साथ हुआ। निरसा थाना क्षेत्र के निरसा बाजार के समीप फुटपाथ पर स्थित दुकानों में नए साल की देर रात भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि 13 से अधिक दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। इस हादसे ने न केवल 15 से 20 लाख रुपये की संपत्ति को स्वाहा कर दिया, बल्कि कई गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा कर दिया है। साल के पहले ही दिन बाजार में हुए इस तांडव से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
आधी रात का कहर: जब बाजार बना आग का दरिया
घटना बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे की है, जब लोग नए साल के जश्न में डूबे थे।
-
भीषण लपटें: आग इतनी तेज थी कि दूर-दूर से आसमान में धुएं का गुबार और आग की लपटें देखी जा सकती थीं।
-
शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। फुटपाथ की दुकानों में बिजली के तारों के मकड़जाल ने इस आग को भड़काने में घी का काम किया।
-
बर्बादी का मंजर: आग की चपेट में आने वाली दुकानों में 3 चिकन शॉप, 3 होटल, 1 सैलून, 3 फल की दुकानें और 3 कपड़ों की दुकानें शामिल थीं। यानी खाने से लेकर पहनने तक का सारा सामान राख के ढेर में बदल गया।
CISF की बहादुरी: अगर ये न होते तो जल जाता पूरा बाजार
आग की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को सूचित किया।
-
संयुक्त ऑपरेशन: सूचना पाते ही DVC मैथन CISF फायर ब्रिगेड और MPL की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं।
-
मशक्कत: दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
-
बचाव: CISF की तत्परता की वजह से आग को फैलने से रोका जा सका, वरना आसपास की दर्जनों अन्य दुकानें भी चपेट में आ सकती थीं।
निरसा अग्निकांड: नुकसान का कच्चा चिट्ठा (Impact Analysis)
| दुकान का प्रकार | नुकसान का विवरण | अनुमानित राशि |
| कपड़ा दुकानें | सारा नया स्टॉक जलकर राख | ₹4,00,000+ |
| चिकन व होटल | फ्रीज, इनवर्टर, फर्नीचर नष्ट | ₹3,00,000+ |
| सुजीत रविदास (होटल) | पूरी दुकान और जमापूंजी खत्म | ₹8,00,000 |
| कुल नुकसान | 13+ दुकानें प्रभावित | ₹20,00,000 (लगभग) |
इतिहास और डर: निरसा बाजार के फुटपाथ का खतरनाक सच
धनबाद का निरसा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापार का बड़ा केंद्र रहा है। लेकिन यहाँ के फुटपाथों पर बसी दुकानों का इतिहास अग्नि सुरक्षा के मामले में हमेशा कमजोर रहा है। संकरी गलियां और ऊपर से गुजरते हाई-वोल्टेज बिजली के तार यहाँ 'टाइम बम' की तरह हैं। साल 2022 में भी इसी क्षेत्र के पास एक छोटी आग लगी थी, लेकिन उस वक्त प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। फुटपाथ पर अस्थायी दुकानों के निर्माण में लकड़ी और प्लास्टिक का अधिक उपयोग होता है, जिससे एक छोटी सी चिंगारी भी मिनटों में पूरे बाजार को मलबे में बदल देती है।
आंसुओं में डूबा नया साल: दुकानदारों का छलका दर्द
पीड़ित दुकानदारों के लिए 2026 की पहली सुबह अंधेरी साबित हुई।
-
सुजीत रविदास की दास्तां: होटल चलाने वाले सुजीत रविदास ने रोते हुए बताया, "मुझे रात 12 बजे फोन आया, जब मैं पहुँचा तो सब कुछ खत्म हो चुका था। 8 लाख का नुकसान हुआ है, अब बच्चों को क्या खिलाऊंगा?"
-
देरी का आरोप: कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यदि दमकल की गाड़ियां 10-15 मिनट पहले पहुँच जातीं, तो शायद उनकी आधी मेहनत बच जाती।
-
सब कुछ स्वाहा: कपड़ा दुकानदार की दुकान में रखा इनवर्टर, फ्रीज और चिकन शॉप का सारा स्टॉक जलकर कोयला बन चुका है। अब इन गरीब दुकानदारों के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण की बड़ी चुनौती है।
सुरक्षा पर बड़े सवाल
निरसा का यह अग्निकांड प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। फुटपाथ पर स्थित दुकानों की वायरिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने आज 13 परिवारों को सड़क पर ला खड़ा किया है। नए साल का यह 'ब्लैक आउट' धनबाद के इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद किया जाएगा।
What's Your Reaction?


