Ranchi Arrest: बड़ा एक्शन, रांची में पत्रकार से लूटपाट करने वाले बिहार-रामगढ़ के लुटेरे गिरफ्तार, SSP की सख्त कार्रवाई

रांची के कोकर में पत्रकार मुकेश कुमार के साथ मारपीट और लूटपाट की कोशिश करने वाले औरंगाबाद और रामगढ़ के दो शातिर अपराधियों को पुलिस ने 12 घंटे में दबोच लिया है। SSP राकेश रंजन के मास्टर प्लान और जेल भेजे गए अपराधियों के पिछले रिकॉर्ड की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी राजधानी की सड़कों पर छिपे इस 'इंटरस्टेट गैंग' के सच से बेखबर रह जाएंगे।

Jan 7, 2026 - 17:35
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Ranchi Arrest: बड़ा एक्शन, रांची में पत्रकार से लूटपाट करने वाले बिहार-रामगढ़ के लुटेरे गिरफ्तार, SSP की सख्त कार्रवाई
Ranchi Arrest: बड़ा एक्शन, रांची में पत्रकार से लूटपाट करने वाले बिहार-रामगढ़ के लुटेरे गिरफ्तार, SSP की सख्त कार्रवाई

रांची, 7 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में अपराधियों के दुस्साहस का जवाब अब पुलिस की 'सुपरफास्ट' कार्रवाई से मिल रहा है। मंगलवार की आधी रात को कोकर स्थित सुभाष चौक के पास पत्रकार मुकेश कुमार पर हमला करने वाले दोनों आरोपियों को सदर थाना पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के कड़े रुख और सदर डीएसपी संजीव बेसरा की रणनीति ने यह साफ कर दिया है कि मीडियाकर्मियों या आम जनता से उलझना अब अपराधियों के लिए सीधा 'जेल का टिकट' साबित होगा। पकड़े गए आरोपियों का कनेक्शन बिहार और रामगढ़ से है, जो शहर में लूटपाट की बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे।

कोकर का वो खूनी मोड़: जब पत्रकार मुकेश पर हुआ हमला

मंगलवार की देर रात करीब 1:00 बजे जब पत्रकार मुकेश कुमार अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी कोकर के सुभाष चौक पर उन्हें घेर लिया गया।

  • लूट की नीयत: बाइक सवार दो युवकों ने मुकेश का रास्ता रोका और उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।

  • मोबाइल और नकदी का टारगेट: आरोपियों ने मुकेश का मोबाइल फोन और जेब में रखी नकदी छीनने के लिए उन्हें बुरी तरह डराया-धमकाया।

  • हड़कंप और एफआईआर: घटना के तुरंत बाद मुकेश कुमार ने सदर थाने में मामला दर्ज कराया। मामला मीडियाकर्मी से जुड़ा होने के कारण पुलिस मुख्यालय तक अलर्ट जारी हो गया।

12 घंटे का काउंटडाउन: कैसे दबोचे गए अपराधी?

एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और मोबाइल लोकेशन) के आधार पर जाल बिछाया।

  1. पहचान: पुलिस ने आरोपियों की पहचान ऋषभ कुमार (निवासी: औरंगाबाद, बिहार) और मनीष कुमार (निवासी: मांडू, रामगढ़) के रूप में की।

  2. जब्ती: गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल ये अपराधी रात के सन्नाटे में शिकार तलाशने के लिए करते थे।

  3. न्यायिक हिरासत: बुधवार को सदर डीएसपी संजीव बेसरा ने प्रेस वार्ता कर पूरी घटना का खुलासा किया और दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

रांची पत्रकार हमला: गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा (Arrest Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
मुख्य आरोपी 1 ऋषभ कुमार (औरंगाबाद, बिहार)
मुख्य आरोपी 2 मनीष कुमार (मांडू, रामगढ़)
जब्त सामान घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
कार्यवाही का समय मात्र 12 घंटे के भीतर
अधिकारी DSP संजीव बेसरा और सदर थाना टीम

इतिहास और भूगोल: रांची में 'बाहरी' गैंग्स का बढ़ता दखल

रांची का कोकर इलाका भौगोलिक रूप से एनएच-33 (रांची-हजारीबाग रोड) से जुड़ा हुआ है, जो इसे अपराधियों के लिए 'एग्जिट पॉइंट' के रूप में सुलभ बनाता है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो पिछले 5 सालों में रांची में पकड़े गए 40% लुटेरे बिहार के औरंगाबाद, गया या झारखंड के रामगढ़-हजारीबाग बेल्ट के पाए गए हैं। ये अपराधी अक्सर हाईवे के जरिए शहर में प्रवेश करते हैं, रात में वारदातों को अंजाम देते हैं और सुबह होने से पहले शहर की सीमा पार कर जाते हैं। कोकर के सुभाष चौक पर हुई यह वारदात इसी 'इंटरस्टेट क्राइम पैटर्न' का हिस्सा है। 2022 में भी कोकर में इसी तरह के एक गैंग ने रात में पेट्रोलिंग टीम को चुनौती दी थी, जिसके बाद यहाँ सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

SSP राकेश रंजन का संदेश: "अपराधियों की खैर नहीं"

इस सफल कार्रवाई के बाद शहर के पुलिस महकमे में नया जोश है।

  • टेक्निकल सर्विलांस: पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए शहर के 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के कैमरों की मदद ली।

  • पत्रकारों की सुरक्षा: मीडिया संगठनों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन रात की गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग भी दोहराई है।

  • अपराध मुक्त राजधानी: डीएसपी संजीव बेसरा ने स्पष्ट किया कि जेल भेजे गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है ताकि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

कानून का डर जरूरी

महज 12 घंटे में अपराधियों को जेल पहुँचाना रांची पुलिस की कार्यक्षमता को दर्शाता है। ऋषभ और मनीष जैसे अपराधियों के लिए यह एक कड़ा सबक है कि वे चाहे बिहार से आएं या रामगढ़ से, रांची की पुलिस और यहाँ की जागरूक जनता (जिन्होंने आरोपियों को पकड़ने में मदद की) अब उन्हें बख्शने वाली नहीं है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।