Cricket Wonder: नया धोनी, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, अफ्रीका में सबसे तेज शतक का विश्व रिकॉर्ड

14 साल के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मात्र 63 गेंदों में शतक जड़कर क्रिकेट जगत को हिला दिया है। 10 छक्कों वाली इस तूफानी पारी और सबसे कम उम्र के कप्तान का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भारतीय क्रिकेट के इस भविष्य और 'छक्का किंग' के उदय का सच कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 7, 2026 - 17:27
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Cricket Wonder: नया धोनी, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, अफ्रीका में सबसे तेज शतक का विश्व रिकॉर्ड
Cricket Wonder: नया धोनी, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, अफ्रीका में सबसे तेज शतक का विश्व रिकॉर्ड

स्पोर्ट्स डेस्क, 7 जनवरी 2026 – क्रिकेट की दुनिया में एक ऐसा नाम गूंज उठा है जिसने महान खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स को महज 14 साल की उम्र में धूल चटा दी है। दक्षिण अफ्रीका के बेनोनी (Willowmoore Park) में खेले गए तीसरे युवा वनडे में टीम इंडिया के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। एक कप्तान के तौर पर अपनी पहली ही सीरीज में वैभव ने न केवल शतक जड़ा, बल्कि वे युवा वनडे इतिहास में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के अंडर-19 कप्तान बन गए हैं। उनकी बल्लेबाजी देख मैदान पर मौजूद अफ्रीकी दिग्गज भी दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए।

63 गेंदों में कोहराम: जब मैदान पर आया 'सूर्यवंशी' तूफान

वैभव की पारी केवल रनों का अंबार नहीं थी, बल्कि प्रोटियाज गेंदबाजों के मनोबल को कुचलने वाली एक आक्रामक मशीन थी।

  • तूफानी स्ट्राइक रेट: वैभव ने मात्र 63 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी पूरी पारी 127 रनों की रही, जो सिर्फ 74 गेंदों में आई।

  • छक्कों की बारिश: इस पारी के दौरान वैभव ने 10 गगनचुंबी छक्के और 9 चौके जड़े। यानी अपनी पारी के 127 में से 96 रन उन्होंने सिर्फ बाउंड्री से बटोरे।

  • परिपक्वता की मिसाल: शतक के करीब पहुँचने पर उन्होंने जिस तरह से जोखिम कम किया और सिंगल्स पर ध्यान दिया, उसने साबित कर दिया कि उनमें एक अनुभवी क्रिकेटर जैसा दिमाग है।

पारी को बुनने का हुनर: ताकत और टाइमिंग का संगम

दूसरे वनडे में वैभव ने सिर्फ छक्कों पर फोकस किया था, लेकिन तीसरे वनडे में उन्होंने दुनिया को अपनी तकनीक दिखाई।

  1. संयमित शुरुआत: दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा, जो उनके लिए एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ। वैभव ने शुरुआती ओवरों में गेंद को गैप में ढकेला और प्लेसमेंट पर ध्यान दिया।

  2. गियर बदलना: जैसे ही वे सेट हुए, उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया। ढीली गेंदों को सीधे स्टैंड्स में भेजना उनकी काबिलियत को दर्शाता है।

  3. 90 रनों के बाद का संयम: जब वे 90 के स्कोर पर थे, तब उन्होंने परिपक्वता दिखाते हुए जोखिम नहीं लिया और दौड़कर रन पूरे किए, ताकि शतक का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हो सके।

वैभव सूर्यवंशी का 'पावर' कार्ड: मैच की मुख्य झलकियां (Match Highlights)

विवरण आंकड़े (Stats)
कुल रन 127
गेंदें खेलीं 74
छक्के 10
चौके 09
शतक का समय मात्र 63 गेंदों में
रिकॉर्ड सबसे युवा U-19 कप्तान शतकवीर

इतिहास और रसूख: क्या वैभव बनेंगे अगले 'मास्टर ब्लास्टर'?

भारतीय क्रिकेट का इतिहास 14-15 साल के वंडर किड्स से भरा रहा है। सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने जिस छोटी उम्र में अंडर-19 टीम की कमान संभाली और विदेशी धरती पर शतक जड़ा, वह उन्हें एक अलग श्रेणी में खड़ा करता है। ऐतिहासिक रूप से अंडर-19 क्रिकेट को 'स्टार्स की नर्सरी' कहा जाता है, जहाँ से विराट कोहली, रोहित शर्मा और शुभमन गिल जैसे दिग्गज निकले हैं। वैभव के 10 छक्के लगाने की काबिलियत उनकी तुलना युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग से करवा रही है। 14 साल की उम्र में इतनी पावर और इतना शांत दिमाग भारतीय क्रिकेट के लिए एक स्वर्ण युग की आहट है।

अजेय साझेदारी: उप-कप्तान के साथ मिलकर रचा इतिहास

इस मैच में सिर्फ वैभव ही नहीं चमके, बल्कि उनके उप-कप्तान आरोन जॉर्ज ने भी शानदार साथ निभाया।

  • 227 रनों की ओपनिंग: वैभव और आरोन जॉर्ज ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की विशाल साझेदारी की।

  • दोहरा प्रहार: एक तरफ से वैभव छक्के लगा रहे थे, तो दूसरी तरफ से आरोन जॉर्ज ने भी अपना शतक पूरा कर अफ्रीकी गेंदबाजी की कमर तोड़ दी।

  • बड़े स्कोर की नींव: इस साझेदारी ने भारत को एक ऐसे स्कोर तक पहुँचाया जहाँ से दक्षिण अफ्रीका की हार मैच के पहले आधे हिस्से में ही तय लग रही थी।

एक नए युग का उदय

वैभव सूर्यवंशी ने बेनोनी के मैदान पर जो पारी खेली है, वह केवल एक शतक नहीं है, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स के लिए एक चेतावनी है। एक 14 साल का लड़का जिस तरह से दबाव को झेल रहा है और आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहा है, वह बताता है कि आने वाले सालों में 'सूर्यवंशी' नाम का सूरज क्रिकेट की दुनिया में जमकर चमकने वाला है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।