Ranchi Crash: सिमरिया के जंगलों में एयर एम्बुलेंस क्रैश, डॉक्टर और मरीज समेत सभी 7 की मौत, रडार से गायब होने के 23 मिनट बाद हुआ भीषण हादसा
रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा के सिमरिया में क्रैश हो गई है। विमान में सवार मरीज, डॉक्टर और पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौत की रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड की यह सबसे बड़ी दुखद अपडेट मिस कर देंगे।
चतरा/रांची, 24 फरवरी 2026 – झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार शाम रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया के करमाटांड़ स्थित घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रेड बर्ड एविएशन कंपनी का यह विमान एक जिंदगी बचाने की उम्मीद में उड़ा था, लेकिन नियति ने उसे मौत के मलबे में तब्दील कर दिया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार डॉक्टर, पायलट और मरीज समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई है। शाम 7:34 बजे रडार से संपर्क टूटने के बाद सिमरिया की पहाड़ियों में मची चीख-पुकार ने सुरक्षा और सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे का घटनाक्रम: टेकऑफ के बाद वो डरावने 23 मिनट
विमान ने रांची एयरपोर्ट से बहुत ही नाजुक मिशन के साथ उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम ने सब कुछ खत्म कर दिया:
-
7:11 PM: एयर एम्बुलेंस ने रांची से दिल्ली के लिए रनवे छोड़ा।
-
7:34 PM: कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से विमान का संचार और रडार संपर्क अचानक टूट गया।
-
खराब मौसम का कहर: प्रारंभिक सूचना के अनुसार, चतरा के ऊपर अचानक मौसम बिगड़ा और भारी विजिबिलिटी की कमी के कारण विमान अनियंत्रित होकर पहाड़ियों से टकरा गया।
अंधेरी रात और दुर्गम जंगल: रेस्क्यू में जुटी टीमें
चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले एक तेज धमाके और आग की सूचना दी।
-
चुनौतीपूर्ण लोकेशन: घटनास्थल करमाटांड़ के बेहद घने जंगलों के बीच है, जहाँ रात के अंधेरे में पहुँचना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था।
-
शवों की बरामदगी: पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें टॉर्च और स्थानीय मदद से मलबे तक पहुँचीं, लेकिन वहां केवल राख और अवशेष बचे थे।
-
जांच के आदेश: हादसे की तकनीकी पड़ताल के लिए एएआईबी (AAIB) की विशेष टीम रवाना कर दी गई है।
विमान हादसे में जान गंवाने वाले 7 जांबाज (List of Victims)
| नाम | जिम्मेदारी |
| विवेक विकास भगत | मुख्य पायलट |
| सबराजदीप सिंह | को-पायलट |
| डॉ. विकास कुमार गुप्ता | एनेसथेटिक (सदर अस्पताल, रांची) |
| सचिन कुमार मिश्रा | पैरामेडिकल स्टाफ (नर्स) |
| संजय कुमार | मरीज (लातेहार निवासी) |
| अर्चना देवी | मरीज की परिजन |
| धूरू कुमार | मरीज के परिजन |
एक झटके में उजड़ गए सात परिवार
मरीज संजय कुमार देव कमल अस्पताल में भर्ती थे और उन्हें शाम 7 बजे एयर लिफ्ट किया गया था।
-
बलिदान: डॉ. विकास कुमार गुप्ता अपनी ड्यूटी निभाते हुए मरीज के साथ जा रहे थे, जो चिकित्सा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
-
पायलटों की सूझबूझ: चश्मदीदों का कहना है कि विमान के गिरने से पहले इंजन से तेज आवाजें आ रही थीं, पायलटों ने विमान को आबादी से दूर रखने की कोशिश की होगी।
-
शोक की लहर: लातेहार से लेकर रांची तक इस हादसे ने मातम फैला दिया है।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर उठते सवाल
इस विमान हादसे ने एयर एम्बुलेंस सेवाओं की मौसम संबंधी गाइडलाइंस और विमानों की उम्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड सरकार ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और विस्तृत जांच की मांग की है।
What's Your Reaction?


