Ranchi Raid: एसीबी ने आयुष मेडिकल ऑफिसर को घूस लेते रंगे हाथों दबोचा, महिला डॉक्टर की शिकायत पर बिछाया जाल, 20 हजार के साथ हत्थे चढ़े डॉ वर्मा

रांची एसीबी द्वारा चतरा के आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉ. राम प्रकाश वर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। महिला डॉक्टर की दिलेरी और एसीबी के केमिकल युक्त नोटों वाले जाल का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सबसे बड़े एक्शन की जानकारी से चूक जाएंगे।

Feb 3, 2026 - 16:44
Feb 3, 2026 - 20:11
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Ranchi Raid: एसीबी ने आयुष मेडिकल ऑफिसर को घूस लेते रंगे हाथों दबोचा, महिला डॉक्टर की शिकायत पर बिछाया जाल, 20 हजार के साथ हत्थे चढ़े डॉ वर्मा
Ranchi Raid: एसीबी ने आयुष मेडिकल ऑफिसर को घूस लेते रंगे हाथों दबोचा, महिला डॉक्टर की शिकायत पर बिछाया जाल, 20 हजार के साथ हत्थे चढ़े डॉ वर्मा

रांची, 3 फरवरी 2026 – झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राजधानी रांची की एसीबी टीम ने स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की 'साहबगीरी' का अंत करते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया। चतरा जिले के आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉ. राम प्रकाश वर्मा को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा गया। यह गिरफ्तारी केवल एक विभाग की कार्रवाई नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर कड़ा प्रहार है जहाँ अधिकारी अपने ही सहयोगियों के काम को आगे बढ़ाने के बदले पैसों की मांग करते हैं।

महिला डॉक्टर की दिलेरी: नहीं झुकीं डॉ. प्रिया

इस पूरे घटनाक्रम की नायिका टंडवा में तैनात आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रिया कुमारी हैं।

  • रिश्वत की मांग: डॉ. राम प्रकाश वर्मा उनके एक आधिकारिक कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की फाइल को दबाए बैठे थे और उसे क्लीयर करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहे थे।

  • दिलेरी का फैसला: डॉ. प्रिया ने भ्रष्टाचार के सामने घुटने टेकने के बजाय एसीबी (ACB) का दरवाजा खटखटाया। उनकी शिकायत के बाद एसीबी ने प्राथमिक जांच की और मामला सही पाए जाने पर डॉ. वर्मा को पकड़ने के लिए एक सीक्रेट जाल बिछाया।

एसीबी का 'केमिकल जाल': रंगे हाथों दबोचे गए डॉक्टर

मंगलवार को जैसे ही डॉ. प्रिया कुमारी रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20,000 रुपये लेकर डॉ. वर्मा के कार्यालय पहुँची, पहले से सादे लिबास में घात लगाए बैठी एसीबी की टीम सक्रिय हो गई।

  1. रंगे हाथों गिरफ्तारी: डॉ. वर्मा ने जैसे ही नोटों की गड्डी थामी, एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

  2. वैज्ञानिक साक्ष्य: आरोपी के पास से केमिकल युक्त नोट बरामद किए गए, जिससे उनके हाथों के रंग बदलते ही रिश्वतखोरी का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण मिल गया।

  3. अफरा-तफरी: कार्यालय परिसर में अचानक हुई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

एसीबी ट्रैप: कार्रवाई का पूरा ब्यौरा (Arrest Summary)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
आरोपी अधिकारी डॉ. राम प्रकाश वर्मा (आयुष मेडिकल ऑफिसर, चतरा)
शिकायतकर्ता डॉ. प्रिया कुमारी (आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी)
रिश्वत की राशि ₹20,000 (पहली किश्त)
गिरफ्तारी का स्थान अधिकारी का कार्यालय
बरामदगी केमिकल युक्त नोट और संबंधित दस्तावेज

स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप: अब आगे क्या?

डॉ. वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब एसीबी उनकी संपत्ति और पिछले कुछ महीनों में उनके द्वारा पास की गई फाइलों की जांच कर रही है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि डॉ. वर्मा के इस अवैध वसूली के खेल में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की भी संभावना है। एसीबी टीम उन्हें रांची स्थित विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।

भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस'

यह कार्रवाई उन सभी भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा सबक है जो सरकारी सेवा को निजी स्वार्थ का जरिया समझते हैं। डॉ. प्रिया कुमारी की हिम्मत ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनता जागरूक हो, तो किसी भी 'सफेदपोश' अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सकता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।