Ration Scam: घोड़ाबांधा में सरकारी राशन दुकान का घेराव, फिंगरप्रिंट लेकर भी नहीं दिया अनाज, डीसी तक पहुँचा एमओ और दुकानदार की मिलीभगत का मामला

जमशेदपुर के घोड़ाबांधा में सरकारी राशन दुकान में चल रही भारी धांधली और कार्डधारकों के आक्रोश की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। बायोमेट्रिक लेने के बाद भी अनाज न मिलने और एमओ की मिलीभगत के गंभीर आरोपों का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप गरीबों के हक पर डाका डालने वाली इस खबर की जानकारी से चूक जाएंगे।

Feb 3, 2026 - 17:14
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Ration Scam: घोड़ाबांधा में सरकारी राशन दुकान का घेराव, फिंगरप्रिंट लेकर भी नहीं दिया अनाज, डीसी तक पहुँचा एमओ और दुकानदार की मिलीभगत का मामला
Ration Scam: घोड़ाबांधा में सरकारी राशन दुकान का घेराव, फिंगरप्रिंट लेकर भी नहीं दिया अनाज, डीसी तक पहुँचा एमओ और दुकानदार की मिलीभगत का मामला

जमशेदपुर, 3 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के घोड़ाबांधा इलाके में जन वितरण प्रणाली (PDS) की एक दुकान पर मंगलवार को भारी बवाल हो गया। गरीबों के निवाले पर डाका डालने के आरोपों के बीच गुस्साए कार्डधारकों ने सरकारी सस्ता गल्ला दुकान का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि लाभुकों का आरोप है कि उनसे मशीनों पर अंगूठा तो लगवाया जा रहा है, लेकिन राशन के नाम पर उन्हें खाली हाथ वापस लौटा दिया जाता है। यह मामला अब जिले के उपायुक्त (DC) तक पहुँच चुका है, जहाँ ग्रामीणों ने लिखित शिकायत कर दुकानदार और अधिकारियों के गठजोड़ को बेनकाब करने की मांग की है।

बायोमेट्रिक का खेल: अंगूठा लगा, पर अनाज गायब

घोड़ाबांधा स्थित इस दुकान का संचालन अभिमन्यु कुमार सिंह द्वारा किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्डधारकों ने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:

  • धोखाधड़ी: लाभुकों का कहना है कि हर महीने उनका बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) कराया जाता है, जिससे रिकॉर्ड में यह दर्ज हो जाता है कि राशन वितरित हो चुका है।

  • खाली हाथ: फिंगरप्रिंट लेने के बाद दुकानदार राशन खत्म होने या बाद में आने का बहाना बनाकर उन्हें टाल देता है। कई महीनों से यही सिलसिला चल रहा है।

  • कागजी हेराफेरी: आरोप है कि कागज-कलम पर साइन लेने के बावजूद उन्हें उनका वाजिब कोटा नहीं दिया जा रहा है।

एमओ (MO) पर उठे सवाल: मिलीभगत का गंभीर आरोप

हंगामा कर रहे लोगों ने सीधे तौर पर मार्केटिंग ऑफिसर (MO) को भी निशाने पर लिया है। कार्डधारियों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद अधिकारी इस पर कोई एक्शन नहीं लेते, जिससे दुकानदार के हौसले बुलंद हैं। आक्रोशित कार्डधारियों ने स्पष्ट मांग की है कि उक्त दुकानदार का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए और मामले की उच्चस्तरीय जांच हो।

घोड़ाबांधा राशन विवाद: मुख्य बिंदु (Issue Highlights)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
क्षेत्र घोड़ाबांधा, जमशेदपुर
दुकानदार का नाम अभिमन्यु कुमार सिंह
मुख्य आरोप बायोमेट्रिक के बाद राशन न देना
मिलीभगत का संदेह मार्केटिंग ऑफिसर (MO) और दुकानदार
वर्तमान स्थिति डीसी को ज्ञापन सौंपा, जांच की मांग

गरीब परिवारों पर मार: दाने-दाने को मोहताज

घोड़ाबांधा की इस बस्ती में रहने वाले अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूर हैं। उनके लिए सरकारी राशन ही जीवन का आधार है। लाभुकों ने भावुक होकर बताया कि कई महीनों का अनाज बकाया होने के कारण उनके बच्चों को भूखे रहने की नौबत आ गई है। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन वितरण सुचारू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।

प्रशासन के पाले में गेंद

डीसी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या वास्तव में जांच होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।