Palamu Raid : बड़ी स्ट्राइक! घरों में चल रहा था गांजे का काला खेल और पुलिस ने कर दिया खेल खत्म, तीन महिलाएं भी गिरफ्तार
पलामू के हुसैनाबाद में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक। गांजा तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 3 महिलाओं समेत 4 लोग गिरफ्तार। जपला में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद।
पलामू: झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे हुसैनाबाद इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जिसे लोग साधारण घर समझ रहे थे, वहां से गांजे की पुड़िया बनाकर तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। मंगलवार को हुसैनाबाद पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए चार अलग-अलग घरों में छापेमारी की और नशे के इस काले कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में गांजा और उसे तौलने वाले उपकरणों के साथ 4 लोगों को दबोच लिया है।
जपला मधुशाला रोड पर पुलिस की दबिश
हुसैनाबाद अनुमंडल के जपला मधुशाला रोड पर हुई इस कार्रवाई ने तस्करों के हौसले पस्त कर दिए हैं। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) सैयद मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने बेहद शातिर तरीके से एक-एक कर चारों घरों को घेरा और छापेमारी शुरू की। जैसे ही पुलिस घरों के भीतर दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के भीतर गांजे की पुड़िया बनाने का पूरा इंतजाम किया गया था।
महिलाओं का नेटवर्क: घर की आड़ में नशाखोरी
इस पूरी छापेमारी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में तीन महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सविता देवी, दुर्गा देवी, अनीता देवी और उदय प्रसाद उर्फ बबलू गुप्ता के रूप में हुई है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि नशे के सौदागर अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए महिलाओं और रिहायशी घरों को ढाल बना रहे हैं।
बरामदगी: तराजू से लेकर प्लास्टिक के पैकेट तक
पुलिस ने छापेमारी के दौरान केवल गांजा ही बरामद नहीं किया, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाला पूरा 'किट' जब्त किया है:
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8.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा।
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इलेक्ट्रिक तराजू (सटीक माप के लिए)।
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तांबे का छोटा तराजू (पारंपरिक उपयोग के लिए)।
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2 किलोग्राम प्लास्टिक के पैकेट (पुड़िया बनाने के लिए)।
हुसैनाबाद: तस्करी और पुलिसिया सख्ती का इतिहास
हुसैनाबाद का इलाका भौगोलिक रूप से बिहार की सीमा के काफी करीब है। ऐतिहासिक रूप से, बिहार और झारखंड की सीमाओं पर स्थित होने के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, पलामू पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत अफीम और गांजे की खेती व तस्करी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सैयद मोहम्मद याकूब जैसे अधिकारियों के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई स्थानीय युवाओं को नशे के दलदल से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
पुलिस का सख्त संदेश: "कोई नहीं बचेगा"
SDPO सैयद मोहम्मद याकूब ने स्पष्ट कर दिया है कि हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में अवैध धंधा करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस अब इन गिरफ्तार आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गांजे की यह बड़ी खेप कहां से आई थी और इसे कहां खपाया जाना था। फिलहाल, चारों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है।
जनता की जिम्मेदारी और सतर्कता
इस घटना ने स्थानीय नागरिकों के बीच भी चर्चा छेड़ दी है। रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध काम होना समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दें ताकि वक्त रहते कार्रवाई की जा सके।
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