Sidhgora School: रामकृष्ण मिशन स्कूल में खूनी संघर्ष की आहट, सातवीं के छात्र ने निकाला चापड़, क्लासरूम में मची चीख-पुकार और पुलिस की एंट्री
जमशेदपुर के रामकृष्ण मिशन स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्रों के बीच हुए विवाद और हथियार निकलने की सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। क्लासरूम के भीतर मची अफरा-तफरी और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप स्कूल में बढ़ते इस खतरनाक ट्रेंड की जानकारी से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 3 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का प्रतिष्ठित रामकृष्ण मिशन स्कूल मंगलवार को उस वक्त छावनी में तब्दील हो गया, जब स्कूल परिसर के भीतर सातवीं कक्षा के दो मासूम दिखने वाले छात्रों के बीच का विवाद हिंसक रूप ले बैठा। बात सिर्फ कहासुनी तक नहीं रही, बल्कि झगड़े के दौरान एक छात्र द्वारा 'चापड़' (तेज धारदार हथियार) निकाल लेने की खबर ने स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के होश उड़ा दिए। जिस स्कूल को अनुशासन और शिक्षा का मंदिर माना जाता है, वहां सातवीं के छात्र के बैग से हथियार मिलना शहर के लिए एक चेतावनी की तरह है। सूचना मिलते ही सिदगोड़ा पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों छात्रों को अपनी हिरासत में लेकर थाने ले गई।
क्लासरूम में दहशत: बैग से निकला मौत का सामान
प्रत्यक्षदर्शियों और स्कूल सूत्रों के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर की है।
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विवाद की शुरुआत: सातवीं कक्षा के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से मनमुटाव चल रहा था।
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अचानक हमला: मंगलवार को क्लास के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि एक छात्र ने अचानक अपने बैग से चापड़ निकाल लिया।
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हड़कंप: जैसे ही क्लास में हथियार दिखा, छात्रों के बीच भगदड़ मच गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी को गंभीर चोट नहीं आई और शिक्षकों ने तुरंत हस्तक्षेप कर मामले को संभाला।
पुलिस की एंट्री और स्कूल का सख्त रुख
स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए सिदगोड़ा थाना को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दोनों नाबालिग छात्रों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की है।
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पुलिस जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी कम उम्र का छात्र स्कूल में हथियार लेकर कैसे पहुँचा और इसके पीछे की असली वजह क्या थी।
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अनुशासनात्मक कार्रवाई: स्कूल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोनों छात्रों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अभिभावकों को भी तलब किया गया है।
जमशेदपुर स्कूल विवाद: मुख्य जानकारी (Incident Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| स्कूल का नाम | रामकृष्ण मिशन स्कूल, सिदगोड़ा |
| कक्षा | सातवीं (7th Grade) |
| हथियार | चापड़ (Cleaver/Sharp Weapon) |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी |
| नुकसान | कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं |
अभिभावकों में चिंता का माहौल
इस घटना के बाद शहर के अन्य स्कूलों के अभिभावकों में भी डर बैठ गया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब स्कूलों में मेटल डिटेक्टर लगाए जाने चाहिए? या क्या बच्चों के बैग की नियमित रूप से सरप्राइज चेकिंग होनी चाहिए?
सुधार की जरूरत
सिदगोड़ा पुलिस फिलहाल बच्चों की काउंसलिंग और जांच में जुटी है। यह घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि एक सामाजिक अलार्म है जो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हमारे बच्चे किस दिशा में जा रहे हैं।
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