क्या पीएम मोदी का विपक्ष पर लोकसभा में तीखा हमला बदल देगा राजनीति का परिदृश्य?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में विपक्ष पर तीखा हमला

Jul 2, 2024 - 18:19
Jul 2, 2024 - 18:26
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क्या पीएम मोदी का विपक्ष पर लोकसभा में तीखा हमला बदल देगा राजनीति का परिदृश्य?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में विपक्ष पर तीखा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वीं लोकसभा के प्रथम संसद सत्र के तहत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन में कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। सदन में प्रधानमंत्री का संबोधन विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और हंगामे के बीच हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में अपनी सरकार की विगत दस वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में तंज कसते हुए कहा कि पूरा देश उनकी हैसियत समझ चुका है और अब लोग कहने लगे हैं, "तुमसे न हो पाएगा।"

मोदी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगियों पर सदन में झूठ बोलने और सदन की गरिमा गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की लगातार तीसरी बार वापसी जनता के उनकी नीयत, नीतियों और निष्ठा पर भरोसे का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार तुष्टिकरण नहीं बल्कि संतुष्टीकरण की विचारधारा के साथ चल रही है, जिसका उद्देश्य देश के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ चली है और देश की जनता ने इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए तीसरी बार सत्ता सौंपी है।

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए उस दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले गैस का कनेक्शन लेने के लिए भी लोगों को रिश्वत देनी पड़ती थी और यह स्वीकार कर लिया जाता था कि दिल्ली से एक रुपया भेजा जाता है लेकिन लाभार्थी तक मात्र 15 पैसे ही पहुंचते थे।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके समय का हर पल और उनके शरीर का हर कण देशवासियों के सपने को पूरा करने के लिए समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे सदन के कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकते हैं, क्योंकि लगातार झूठ फैलाने के प्रयासों के बावजूद उन्हें घोर पराजय का सामना करना पड़ा है।

इससे पूर्व, 18वीं लोकसभा के प्रथम संसद सत्र के सातवें दिन लोकसभा में भारी शोर-शराबा और हंगामा हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के संबोधन के दौरान बार-बार हंगामा होता रहा। प्रधानमंत्री मोदी के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए खड़े होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, जो उनके संबोधन के दौरान भी जारी रहा।