परसुडीह धोखाधड़ी: महिला से धोखे से पैन कार्ड बनवाकर, फर्जी लोन लेकर किया फ्रॉड, न्याय की गुहार

परसुडीह की रिंकी देवी के साथ हुआ धोखा: मनीष कुमार सिंह ने धोखे से बनवाया पैन कार्ड और लिया फर्जी लोन। पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Jul 11, 2024 - 16:32
Jul 11, 2024 - 16:57
 0  7
परसुडीह धोखाधड़ी: महिला से धोखे से पैन कार्ड बनवाकर, फर्जी लोन लेकर किया फ्रॉड, न्याय की गुहार
परसुडीह धोखाधड़ी: महिला से धोखे से पैन कार्ड बनवाकर, फर्जी लोन लेकर किया फ्रॉड, न्याय की गुहार

जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के राहरगोड़ा की रहने वाली रिंकी देवी ने आरोप लगाया है कि नीलकंठ अपार्टमेंट के निवासी मनीष कुमार सिंह ने उसे धोखे से पैन कार्ड बनवाकर उसके नाम पर बैंक से फर्जी लोन लिया। पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

धोखे की कहानी

रिंकी देवी, जो कि परसुडीह के विभिन्न घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती हैं, ने बताया कि वह मनीष कुमार सिंह के घर में भी काम करती थीं। मनीष एक फिनाइल निर्माता और इंश्योरेंस एजेंट है। एक दिन मनीष ने रिंकी को अपने बॉस श्री झा से मिलवाया और उनका इंश्योरेंस कराने की बात की। इस बहाने से मनीष ने रिंकी का पैन कार्ड बनवाया और फिर उसे साकची बाराद्वारी ले जाकर एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया।

लोन और फ्रॉड का खेल

मनीष ने धोखे से रिंकी के नाम पर बैंक से लोन लिया और बजाज फाइनेंस के माध्यम से एसी और सोफासेट खरीद लिया। कुछ दिन बाद, बैंक ने रिंकी से लोन की राशि जमा करने के लिए फोन करना शुरू किया। तब रिंकी को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

एसएसपी कार्यालय की दौड़

थक-हार कर रिंकी देवी गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची और अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका घर इतना बड़ा नहीं है कि वह सोफा और एसी रख सकें। बैंक वाले उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। रिंकी ने मनीष कुमार सिंह, उनके बॉस श्री झा, कंचन शर्मा (जो मनीष का खाना बनाती थी), और एक दुकान वाले पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

न्याय की मांग

रिंकी देवी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने एसएसपी को ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई।