पलामू: भीषण टक्कर! महुआ के पेड़ से टकराया ट्रक और खत्म हो गई एक जिंदगी, मलबे में तब्दील हुई गाड़ी
पलामू के बकोरिया में सुबह 4 बजे भीषण हादसा हुआ। बंगाल से कपड़ा लादकर डालटनगंज जा रहा ट्रक महुआ के पेड़ से टकराया और ड्राइवर की जान चली गई। रूह कँपा देने वाली इस घटना की पूरी जानकारी।
पलामू: सोमवार की सुबह जब पूरा जिला गहरी नींद में था, तब बकोरिया कृष्णा मोड़ के पास एक ऐसी चीख गूंजी जिसने सन्नाटे को चीर कर रख दिया। बंगाल से कपड़ा लादकर डालटनगंज की ओर जा रहा एक भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पुराने महुआ के पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोहे का मजबूत ट्रक कागज की तरह पिचक गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक चला रहे 45 वर्षीय ड्राइवर देव प्रकाश राय की मौके पर ही मौत हो गई।
सुबह 4 बजे का वो 'खौफनाक' मंजर
सतबरवा ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बकोरिया कृष्णा मोड़ पर यह हादसा सोमवार तड़के करीब 4:00 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रक सीधे विशाल महुआ के पेड़ में जा घुसा। ट्रक के परखच्चे उड़ गए और ड्राइवर का शरीर इंजन और स्टयरिंग के बीच के मलबे में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलते ही सतबरवा ओपी प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।
समस्तीपुर का लाल, बंगाल की कर्मभूमि और पलामू में आख़िरी सांस
हादसे का शिकार हुए देव प्रकाश राय मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले थे। हालांकि, वे पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल में बस गए थे। देव प्रकाश बंगाल के ही एक बड़े कपड़ा कारोबारी का ट्रक चलाते थे। वे पश्चिम बंगाल से ही नया स्टॉक लादकर डालटनगंज आ रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके पीछे उनका परिवार अब गहरे सदमे में है।
पलामू की सड़कों पर 'महुआ के पेड़ों' का इतिहास और जोखिम
पलामू और लातेहार का यह इलाका अपने घने जंगलों और सड़कों के किनारे लगे पुराने महुआ के पेड़ों के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक रूप से, इन सड़कों को जंगलों के बीच से निकाला गया था, जहाँ कई स्थानों पर पुराने महुआ के पेड़ आज भी सड़क के बिल्कुल करीब खड़े हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात और सुबह के वक्त कोहरे या थकान की वजह से ड्राइवर अक्सर इन पेड़ों से टकरा जाते हैं। बकोरिया और कृष्णा मोड़ के इस पैच पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। महुआ के पेड़ जहाँ एक ओर आदिवासियों की आजीविका का साधन हैं, वहीं घुमावदार सड़कों पर सुरक्षा के लिहाज से ये कई बार चुनौती भी बन जाते हैं।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई
सतबरवा ओपी प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हादसा ड्राइवर को नींद आने की वजह से हुआ या फिर ट्रक में कोई तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) आ गई थी। पुलिस ने बंगाल स्थित ट्रक मालिक और ड्राइवर के परिजनों को सूचना दे दी है।
सड़क सुरक्षा: एक अनकहा सवाल
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवरों के लिए पर्याप्त नींद और सड़कों के किनारे रिफ्लेक्टर या सुरक्षा घेरे कितने जरूरी हैं। पलामू की घुमावदार सड़कों पर महुआ के ये पेड़ कई बार 'साइलेंट किलर' साबित होते हैं, अगर ड्राइवर की नजर जरा भी चूकी।
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