Palamu Trap: पलामू में गोगो दीदी योजना पर घूसखोर की नजर, ACB ने रोजगार सेवक को ₹6000 लेते रंगे हाथ दबोचा, छतरपुर में मची खलबली
पलामू की एसीबी टीम ने छतरपुर के रोजगार सेवक सुनील कुमार को 'गोगो दीदी योजना' के नाम पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक और घूसखोरी के पूरे जाल की जानकारी यहाँ मौजूद है वरना आप सरकारी योजनाओं को लूटने वाले इस गिरोह का सच मिस कर देंगे।
पलामू/छतरपुर, 20 फरवरी 2026 – झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर अपनी धमक दिखाई है। पलामू इकाई ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए छतरपुर प्रखंड के सिलदागा पंचायत में कार्यरत रोजगार सेवक सुनील कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर गरीब लाभार्थी का खून चूसने की कोशिश कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रखंड कार्यालय में सन्नाटा पसर गया है और कई अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
गोगो दीदी योजना: मददगार बना भक्षक
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'गोगो दीदी योजना' का लाभ दिलाने के बदले भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा था।
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रिश्वत की डिमांड: आरोप है कि सुनील कुमार ने एक लाभार्थी से योजना का लाभ दिलाने की एवज में 6,000 रुपये की सीधी मांग की थी।
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लाभार्थी की शिकायत: लाभार्थी ने झुकने के बजाय एसीबी पलामू इकाई से संपर्क किया। एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया और आरोप को प्रथम दृष्टया सही पाया।
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जाल बिछाकर दबोचा: शुक्रवार को जैसे ही सुनील कुमार ने तय योजना के अनुसार घूस की रकम अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।
भ्रष्टाचार पर प्रहार: प्रखंड में हड़कंप
एसीबी की इस टीम ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और आरोपी को अपने साथ पलामू मुख्यालय ले गई।
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सघन पूछताछ: अब सुनील कुमार से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस खेल में उसके साथ और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
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दस्तावेज जब्त: पुलिस ने रोजगार सेवक के पास मौजूद कुछ फाइलों और मोबाइल फोन को भी कब्जे में लिया है, जिससे कई अन्य खुलासे होने की उम्मीद है।
पलामू एसीबी ट्रैप: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| आरोपी का नाम | सुनील कुमार (रोजगार सेवक) |
| पंचायत/प्रखंड | सिलदागा पंचायत, छतरपुर |
| रिश्वत की राशि | ₹6,000 (रंगे हाथ बरामद) |
| योजना का नाम | गोगो दीदी योजना |
| जांच एजेंसी | भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (ACB), पलामू |
जनता के बीच चर्चा: "अब तो डरो घूसखोरों"
छतरपुर प्रखंड में इस कार्रवाई के बाद आम जनता के बीच खुशी का माहौल है।
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जागरूकता का असर: स्थानीय लोगों का कहना है कि अब लोग चुपचाप घूस देने के बजाय एसीबी का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
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प्रशासनिक सतर्कता: एसीबी की इस रेड ने यह साफ कर दिया है कि गरीबों के हक की राशि में डकैती डालने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
कानून का शिकंजा कसा
एसीबी ने सुनील कुमार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी।
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