Burmamines Heist: बर्मामाइंस सब स्टेशन में 12 डकैतों का तांडव, गार्ड को बंधक बनाकर लाखों के उपकरण लूटे, टाटा स्टील के अहम पावर ग्रिड पर बड़ा हमला
जमशेदपुर के बर्मामाइंस B2 सब स्टेशन में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने गार्ड को बंधक बनाकर लाखों की लूट को अंजाम दिया है। टाटा स्टील UISL के इस पावर हब पर हुए हमले और FIR में हुई 3 दिन की देरी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप शहर की सुरक्षा में लगी इस बड़ी सेंध की जानकारी मिस कर देंगे।
जमशेदपुर/बर्मामाइंस, 20 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के औद्योगिक हृदय स्थल बर्मामाइंस में एक ऐसी वारदात हुई है, जिसने शहर के हाई-प्रोफाइल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित B2 सब स्टेशन में आधी रात के बाद 10 से 12 संगठित बदमाशों ने धावा बोल दिया। हथियारों के बल पर सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर बदमाशों ने बिजली आपूर्ति से जुड़े लाखों रुपये के कीमती उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना 15 फरवरी की है, लेकिन इसकी आधिकारिक गूँज 18 फरवरी को FIR दर्ज होने के बाद सुनाई दी है।
हथियारबंद डकैतों का हमला: बंधक गार्ड और खौफनाक रात
वारदात की पटकथा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। बदमाशों को पता था कि सब स्टेशन के भीतर कब और कैसे दाखिल होना है।
-
दरवाजे पर दस्तक और दबोचा: रात के सन्नाटे में बदमाशों ने गार्ड के कमरे का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही गार्ड ने सामान्य समझकर दरवाजा खोला, हथियारों से लैस बदमाशों की फौज अंदर घुस गई।
-
हथियार का खौफ: धारदार हथियारों के बल पर गार्ड को काबू में किया गया और उसे एक कोने में बंधक बना दिया गया।
-
लाखों की लूट: बदमाशों ने इत्मीनान से सब स्टेशन परिसर में रखे विद्युत वितरण और आपूर्ति से संबंधित उन महत्वपूर्ण उपकरणों को निशाना बनाया, जिनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।
3 दिन की चुप्पी: आखिर क्यों हुई FIR में देरी?
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा 15 फरवरी की घटना की रिपोर्ट 18 फरवरी को दर्ज होने पर हो रही है।
-
मैनेजर का बयान: टाटा स्टील यूआईएसएल (TSUISL) के मैनेजर अजीत कुमार त्रिपाठी के लिखित बयान पर पुलिस ने 10-12 अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
-
संदेह की सुई: पुलिस और स्थानीय लोग हैरान हैं कि इतनी बड़ी वारदात को रिपोर्ट करने में तीन दिन का समय क्यों लगा? क्या यह अंदरूनी सुरक्षा की चूक को छिपाने की कोशिश थी या कुछ और?
-
सीसीटीवी की तलाश: पुलिस अब सब स्टेशन के भीतर और बाहर लगे कैमरों को खंगाल रही है ताकि बदमाशों के आने-जाने के रूट का पता लगाया जा सके।
बर्मामाइंस सब स्टेशन लूट: केस फाइल (Heist Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | B2 सब स्टेशन, बर्मामाइंस, जमशेदपुर |
| पीड़ित संस्थान | टाटा स्टील यूआईएसएल (TSUISL) |
| अपराधियों की संख्या | 10 से 12 (हथियारबंद) |
| लूट का माल | बिजली वितरण के महंगे उपकरण (लाखों में) |
| प्रमुख बिंदु | गार्ड को बंधक बनाया गया, FIR में 3 दिन की देरी |
सुरक्षा पर सवाल: "गार्ड के भरोसे करोड़ों का इंफ्रास्ट्रक्चर?"
स्थानीय लोगों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
-
अकेला गार्ड: इतने बड़े और महत्वपूर्ण सब स्टेशन पर क्या केवल एक गार्ड की सुरक्षा पर्याप्त है?
-
पुलिस गश्ती: औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद आधी रात को 12 लोगों का झुंड बिना किसी रोक-टोक के लाखों का सामान लेकर कैसे फरार हो गया?
-
तकनीकी साक्ष्य: क्या सब स्टेशन के हाई-टेक सुरक्षा अलार्म उस रात काम नहीं कर रहे थे?
आरोपियों के करीब पहुँचने का दावा
बर्मामाइंस पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया जाएगा।
What's Your Reaction?


