Tribute to Martyrs: अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा वीर शहीद मनोरंजन कुमार को दी गई श्रद्धांजलि, गूँजा 'भारत माता की जय'
भारतीय नौसेना के शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन कुमार को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया। जानिए सिंधुरत्न हादसे की पूरी कहानी और उनकी वीरता की गाथा।

आज, 26 फरवरी, भारतीय नौसेना के वीर सपूत लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन कुमार को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। 2014 में मुंबई के पास सिंधुरत्न पनडुब्बी हादसे में देश के लिए शहीद हुए मनोरंजन कुमार की वीरता को याद करते हुए, उनके परिवार, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने उन्हें नमन किया।
कैसे हुआ था हादसा?
26 फरवरी 2014 को भारतीय नौसेना की आईएनएस सिंधुरत्न पनडुब्बी में एक बड़ा हादसा हुआ था। यह पनडुब्बी रूटीन ट्रायल के दौरान मुंबई तट के पास थी, जब इसमें आग लग गई। इस घटना में नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर कपीश मुनियाल और लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन कुमार शहीद हो गए थे। यह हादसा भारतीय नौसेना के इतिहास की बड़ी दुर्घटनाओं में से एक था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
झारखंड के लाल को देश का सलाम
शहीद मनोरंजन कुमार झारखंड के गिरिडीह जिले से थे। बचपन से ही उनका सपना था कि वे भारतीय नौसेना में जाकर देश की सेवा करें। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस के बल पर इस सपने को साकार किया। लेकिन देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर उन्होंने एक अमर गाथा लिख दी।
उनकी पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उनके बलिदान को याद किया। इस मौके पर महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने कहा,
"शहीद मनोरंजन कुमार जैसे वीर युवा, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उनके माता-पिता भी हमारे लिए पूजनीय हैं, जिन्होंने ऐसे सपूत को जन्म दिया।"
श्रद्धांजलि समारोह: वीर सपूत के लिए उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धांजलि समारोह में सैनिक परिवारों, पूर्व सैनिकों और गणमान्य नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। उनकी वीरता को याद करते हुए पूरे माहौल में "भारत माता की जय" और "शहीद मनोरंजन अमर रहें" के नारों की गूंज सुनाई दी।
शहीद के घर पर आयोजित समारोह में वरिष्ठ पूर्व सैनिक अवधेश कुमार के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर जितेंद्र कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, अनुपम शर्मा, नवीन कु सिन्हा, संजय सिंह, निर्मल कुमार और रवि शंकर सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वीरता की मिसाल: सेना के लिए हमेशा तैयार
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा,
"देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हमारे लिए सेना हमेशा प्रथम होती है, और शहीद मनोरंजन कुमार इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।"
इस अवसर पर कवियों और साहित्यकारों ने भी अपने शब्दों से श्रद्धांजलि अर्पित की। बलविंदर सिंह, दिव्येन्द त्रिपाठी, माधवी उपाध्याय, वसंत जमशेदपुर और अन्य कवियों ने वीर शहीदों पर रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
देशभक्ति की प्रेरणा: युवाओं को सीख
शहीद मनोरंजन कुमार का जीवन एक संदेश देता है कि देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, कर्मों में होनी चाहिए। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है, और इसकी रक्षा के लिए कुछ भी न्योछावर किया जा सकता है।
हमेशा याद किए जाएंगे शहीद
शहीद मनोरंजन कुमार की पुण्यतिथि पर उनका बलिदान याद कर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। वे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा हैं। उनके साहस, समर्पण और बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता।
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