Mango Action Retreat: प्लास्टिक जांचने गई नगर निगम की टीम को दुकानदारों ने घेरा, गरीब कॉलोनी से लौटना पड़ा बैरंग

जमशेदपुर मानगो में प्लास्टिक प्रतिबंध पर बड़ा विवाद! गरीब कॉलोनी में जांच करने पहुंची निगम टीम को स्थानीय दुकानदारों के कड़े विरोध के बाद बैरंग लौटना पड़ा। लोगों ने लगाया बिना विकल्प दिए रोजी-रोटी छीनने का आरोप।

Dec 1, 2025 - 13:40
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Mango Action Retreat: प्लास्टिक जांचने गई नगर निगम की टीम को दुकानदारों ने घेरा, गरीब कॉलोनी से लौटना पड़ा बैरंग
Mango Action Retreat: प्लास्टिक जांचने गई नगर निगम की टीम को दुकानदारों ने घेरा, गरीब कॉलोनी से लौटना पड़ा बैरंग

जमशेदपुर, 1 दिसंबर 2025 – झारखंड में प्लास्टिक प्रतिबंध लागू करने के सरकारी प्रयासों को जमशेदपुर में एक बड़ा झटका लगा है। सोमवार को मानगो नगर निगम की टीम जब आजादनगर थाना क्षेत्र के पुराने पुरुलिया सड़क स्थित गरीब कॉलोनी में प्लास्टिक जांच करने पहुंची, तो उन्हें स्थानीय दुकानदारों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना उग्र हो गया कि निगम दल को अपनी कार्रवाई अधूरी छोड़कर खाली हाथ लौटना पड़ा।

यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि किसी भी सरकारी नीति को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए जनता की भागीदारी और बातचीत कितनी आवश्यक है।

बिना सूचना कार्रवाई पर भड़के दुकानदार

निगम दल के पहुंचते ही गरीब कॉलोनी में माहौल तुरंत तनावपूर्ण हो गया। दुकानदार और स्थानीय लोग प्लास्टिक की दुकान-दर-दुकान जांच और जब्ती की संभावित कार्रवाई को लेकर उत्तेजित हो उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अचानक कार्रवाई करके उनकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की है।

  • दुकानदारों के आरोप: दुकानदारों का कहना था कि निगम ने प्लास्टिक प्रतिबंध से पहले न तो कोई पूर्व सूचना दी, न ही पर्याप्त जागरूकता अभियान चलाया, और सबसे महत्वपूर्ण बात, उन्होंने कोई सस्ता और आसान विकल्प उपलब्ध नहीं कराया।

  • गरीबी और व्यवसाय: स्थानीय लोगों ने बताया कि गरीब कॉलोनी में अधिकांश लोग छोटे स्तर पर व्यापार चलाते हैं और प्लास्टिक ही उनके लिए सबसे किफायती पैकिंग का साधन है।

नारेबाजी के बीच दल को लौटना पड़ा वापस

विरोध के बढ़ते स्तर और दुकानदारों की नारेबाजी के चलते वातावरण काफी तनावपूर्ण हो गया। दुकानदारों ने निगम दल को जांच करने से रोक दिया और कड़ी कार्रवाई वापस लेने की मांग की।

हालात बिगड़ते देख मानगो नगर निगम के दल ने स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना किसी जब्ती या जुर्माना लगाए जांच अभियान को बीच में ही छोड़कर वापस लौटने का निर्णय लिया। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल को तैनात किया गया।

सरकारी अभियान और जनता का संवाद

यह पूरा मामला अब सामाजिक माध्यमों पर तेजी से फैल रहा है। कुछ लोग प्लास्टिक प्रतिबंध को पर्यावरण के लिए आवश्यक बताते हुए निगम की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अधिकांश लोग प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि जनता से संवाद, जागरूकता और विकल्प उपलब्ध कराना किसी भी सफल सरकारी अभियान की पहली शर्त होनी चाहिए।

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि नीतियों को प्रभावी बनाने के लिए केवल नियम बनाना काफी नहीं है, बल्कि गरीबों की रोजी-रोटी और उनके व्यापार को समझना भी उतना ही ज़रूरी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।