Khunti Tragedy: रांची के दोस्तों का घूमने का प्लान बना मातम, खूंटी में रीमिक्स फॉल फिर साबित हुआ मौत का जाल

खूंटी के रीमिक्स फॉल में डूबने से रांची के 2 छात्रों की मौत! 5 दिन में 5 मौतों से मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल। क्या यह जगह बन चुकी है मौत का जाल? पढ़ें पूरी खबर।

Apr 2, 2025 - 10:35
 0
Khunti Tragedy: रांची के दोस्तों का घूमने का प्लान बना मातम, खूंटी में रीमिक्स फॉल फिर साबित हुआ मौत का जाल
Khunti Tragedy: रांची के दोस्तों का घूमने का प्लान बना मातम, खूंटी में रीमिक्स फॉल फिर साबित हुआ मौत का जाल

झारखंड के खूंटी से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। खूबसूरत मगर जानलेवा रीमिक्स फॉल ने फिर दो मासूम जिंदगियों को निगल लिया। मंगलवार को रांची के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई, जिससे इलाके में मातम पसर गया। खास बात यह है कि पिछले 5 दिनों में इसी फॉल में 5 छात्रों की मौत हो चुकी है

कैसे हुआ हादसा?

रांची के गाड़ी होटवार महुआटोली के रहने वाले रोलेन तिर्की और जेम्स जुनास संगा अपने पांच दोस्तों के साथ स्कूटी और बाइक से खूंटी के मारंगहादा स्थित रीमिक्स फॉल घूमने गए थे।

15 साल के रोलेन का एडमिशन डॉन बॉस्को स्कूल, कोकर में था, जबकि 15 साल का जेम्स क्लूनी स्कूल, दीपाटोली में पढ़ता था। दोनों 9वीं कक्षा के छात्र थे और बेहतरीन तैराक नहीं थे।

नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। जब तक दोस्तों को एहसास हुआ, वे डूबने लगे थे। बाकी साथियों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन असफल रहे। स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद शाम को दोनों के शव बाहर निकाले

रीमिक्स फॉल बन रहा ‘मौत की घाटी’

रीमिक्स फॉल में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 5 दिनों में यहां 5 मौतें हो चुकी हैं

28 मार्च को रांची के कोकर के अयोध्यापुरी के दो सगे भाइयों, शुभम कुमार और राजकुमार की भी इसी जगह डूबने से मौत हो गई थी
 अब 2 और छात्रों की मौत के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं – आखिर प्रशासन कब चेतेगा?

रोते-बिलखते परिजन, स्कूलों में भी पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। अपने बच्चों के lifeless शरीर देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल था। स्कूलों में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

खूबसूरती के पीछे छिपा खतरा!

रीमिक्स फॉल की गिनती झारखंड के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में होती है। यहां का झरना और प्राकृतिक दृश्य हर किसी को आकर्षित करते हैं। लेकिन इस जगह के पानी में भंवर और गहराई का सही अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। पानी के नीचे तेज धाराएं हैं, जो नहाने आए लोगों को अचानक खींच लेती हैं। यही कारण है कि यह जगह बार-बार मौत का जाल साबित हो रही है।

प्रशासन की लापरवाही या लापरवाह पर्यटक?

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा। उनका कहना है कि जब यहां बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो प्रशासन सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं कर रहा?

यहां कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है।
न कोई सुरक्षाकर्मी तैनात है।
न ही कोई बैरिकेडिंग की गई है।

इधर, खूंटी के एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की योजना बना रही है।

कब जागेगा प्रशासन?

अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन रीमिक्स फॉल को सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर यह खूबसूरत जगह ‘मौत की घाटी’ बनकर और मासूम जिंदगियां निगलती रहेगी?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Nihal Ravidas निहाल रविदास, जिन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई की है, तकनीकी विशेषज्ञता, समसामयिक मुद्दों और रचनात्मक लेखन में माहिर हैं।