Jharkhand Escape: रिमांड होम से 21 बाल कैदी फरार, तोड़फोड़ और हमले से हड़कंप!
चाईबासा के रिमांड होम से 21 बाल कैदी फरार! कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर CCTV तोड़ा। 4 कैदी पकड़े गए, 17 की तलाश जारी। जानें पूरी कहानी!

झारखंड के चाईबासा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। समाज कल्याण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित रिमांड होम से 21 नाबालिग कैदी फरार हो गए। सरहुल पर्व के दौरान हुई इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैदियों ने न सिर्फ तोड़फोड़ मचाई, बल्कि सुरक्षाकर्मियों पर हमला भी किया।
कैसे हुआ बड़ा फरार कांड?
चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जिला स्कूल के पास स्थित इस रिमांड होम में कुल 85 बाल कैदी थे। मंगलवार की शाम करीब 6 बजे अचानक हंगामा शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ कैदी का अन्य कैदियों से झगड़ा हो गया, जिसके बाद माहौल बिगड़ता चला गया।
कैदियों ने मिलकर लोहे के गेट को जोर-जोर से धक्का देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में गेट में लगा लोहे का सांकल खुल गया और बाल कैदियों ने मौके का फायदा उठाकर मुख्य गेट के दाहिनी ओर लगी ग्रिल को भी तोड़ डाला। देखते ही देखते 21 कैदी फरार हो गए।
तोड़फोड़ और हमला: CCTV भी किया ध्वस्त
कैदियों ने सिर्फ भागने की योजना नहीं बनाई, बल्कि पूरे रिमांड होम में जमकर तोड़फोड़ भी की। CCTV कैमरे, कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ दिए गए। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो इन बाल कैदियों ने डंडों और रसोई गैस के सिलेंडर से हमला कर दिया। इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
कैसे पकड़े गए कुछ कैदी?
21 में से चार कैदियों को वापस पकड़ लिया गया। इनमें से तीन को उनके माता-पिता खुद रिमांड होम छोड़ने आए। वहीं, एक को पुलिस ने बड़ीबाजार इलाके में घूमते हुए पकड़ लिया। फिलहाल, पुलिस बचे हुए 17 कैदियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
डीसी की कड़ी चेतावनी: दोषियों पर होगी कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिमी सिंहभूम के डीसी कुलदीप चौधरी और पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर मौके पर पहुंचे। डीसी ने साफ कहा कि जो भी अधिकारी और सुरक्षाकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इतिहास में पहली बार नहीं हुआ ऐसा कांड!
रिमांड होम से कैदियों के भागने का यह कोई पहला मामला नहीं है। 2018 में भी धनबाद और बोकारो के रिमांड होम से कई नाबालिग कैदी भाग चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड के रिमांड होम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर है, जिससे ऐसे फरार कांड बार-बार हो रहे हैं।
बड़ा सवाल: आखिर कब सुधरेगी सुरक्षा व्यवस्था?
चाईबासा के इस सनसनीखेज फरार कांड ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैदियों को दोबारा पकड़ पाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। अब देखना होगा कि क्या पुलिस सभी 17 कैदियों को पकड़ पाती है या नहीं।
What's Your Reaction?






