Jharkhand Ration Crisis: झारखंड के 61 लाख राशन कार्डधारियों पर मंडराया संकट, E-KYC नहीं कराया तो बंद हो सकता है अनाज! क्या केंद्र सरकार लेगी सख्त फैसला?
झारखंड में 2.63 करोड़ राशन कार्ड सदस्यों में से 61 लाख से अधिक का E-KYC अभी तक लंबित है। केंद्र सरकार ने इस धीमी प्रगति पर चिंता जताई है। जल्द सत्यापन न कराने पर इन लाखों लाभुकों का राशन बंद हो सकता है।
रांची, 25 नवंबर 2025 – झारखंड (Jharkhand) में खाद्य सुरक्षा योजना (Food Security Scheme) के तहत लाखों गरीब (Poor) और जरूरतमंद (Needy) लाभुकों (Beneficiaries) के राशन पर संकट (Crisis) के बादल मंडरा रहे हैं। केंद्र सरकार (Central Government) ने राशन वितरण (Ration Distribution) में गड़बड़ी (Irregularity) रोकने और असली पात्रों (Genuine Beneficiaries) को ही लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी (E-KYC) अनिवार्य (Mandatory) कर दिया है, लेकिन झारखंड में 61 लाख से अधिक सदस्य अभी भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया (Crucial Process) से बाहर हैं। केंद्र सरकार ने इस धीमी रफ्तार (Slow Pace) पर सख्त चिंता (Strict Concern) जताई है, जिसके बाद राज्य प्रशासन (State Administration) पर दबाव (Pressure) बढ़ गया है।
61 लाख से अधिक लाभुकों का सत्यापन लंबित
आधिकारिक आंकड़ों (Official Data) के अनुसार, झारखंड में कुल 2 करोड़ 63 लाख से अधिक राशन कार्डधारी सदस्य (Ration Card Members) हैं। इस विशाल संख्या में से केवल 2 करोड़ 1 लाख 42 हजार लोगों का ही आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा हो पाया है।
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बड़ा अंतर: इसका मतलब यह है कि राज्य में अभी भी 61 लाख 63 हजार 791 लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) बाकी है। यह संख्या झारखंड के कई छोटे राज्यों की कुल आबादी (Population) से भी ज्यादा है।
ई-केवाईसी प्रक्रिया में होने वाली इस बड़ी देरी (Delay) का सीधा असर भविष्य (Future) में लाभुकों को राशन मिलने पर पड़ सकता है।
क्यों अनिवार्य है ई-केवाईसी?
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी की यह प्रक्रिया सिर्फ एक औपचारिकता (Formality) नहीं है, बल्कि यह योजना में पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) लाने के लिए जरूरी है।
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फर्जी कार्डों पर रोक: ई-केवाईसी के माध्यम से फर्जी (Fake), डुप्लीकेट (Duplicate) और वास्तविक रूप से अयोग्य (Ineligible) कार्डों की आसानी से पहचान (Identification) हो सकेगी। माना जाता है कि फर्जी कार्डों के कारण हर साल करोड़ों का अनाज (Grains) बाजार में कालाबाजारी (Black Marketing) के लिए पहुंच जाता है।
केंद्र की सख्त चेतावनी और कार्रवाई का डर
केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को साफ निर्देश (Clear Instruction) दिए हैं कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। सरकार ने यह चेतावनी (Warning) भी जारी की है कि यदि निर्धारित समय तक ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ, तो लाभुकों को राशन मिलने में बाधा (Obstruction) आ सकती है।
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नए लाभुकों का विलंब: अधिकारियों ने यह भी तय किया है कि जब तक 100% सत्यापन (Verification) पूरा नहीं होगा, तब तक नए पात्र (Eligible) लाभुकों का नाम सूची (List) में नहीं जोड़ा जाएगा। इससे हजारों जरूरतमंद लोग भी राशन से वंचित (Deprived) हो सकते हैं।
विभाग ने फिलहाल लोगों को जागरूक (Aware) करने के लिए कैंप (Camps) और सूचना अभियान (Information Campaign) चलाने का फैसला किया है, ताकि 61 लाख लाभुकों को राशन बंद होने के संकट से बचाया जा सके।
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