Jharkhand Appointment: 49 नए प्रशिक्षण अधिकारियों को मिली नियुक्ति, जानिए सरकार की बड़ी योजना!
झारखंड में 49 नव-चयनित प्रशिक्षण अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्र सौंपे। जानिए सरकार की नई योजना और रोजगार के बढ़ते अवसर!

झारखंड में बेरोजगारी दूर करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 49 नव-चयनित प्रशिक्षण पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे झारखंड में कौशल विकास को नई गति मिली। जैसे ही नियुक्ति पत्र नवचयनित अधिकारियों के हाथों में आए, उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी।
सरकार का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
झारखंड सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना उसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समारोह में संबोधित करते हुए कहा,
"युवाओं को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि कौशल विकास का ऐसा मंच देना है, जहां वे आत्मनिर्भर बनें और दूसरों को भी रोजगार दे सकें।"
उन्होंने आगे कहा कि यह केवल एक शुरुआत है, सरकार लगातार नियुक्तियों का यह कारवां आगे बढ़ाती रहेगी।
राज्य में कैसे बदल रहा है रोजगार का परिदृश्य?
झारखंड सरकार ने युवाओं के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
आईटीआई संस्थानों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है।
पॉलिटेक्निक कॉलेजों में नई तकनीकों की पढ़ाई शुरू की गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों में नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक पर विशेष कोर्स जोड़े गए हैं।
तकनीक के बिना भविष्य अधूरा! AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जोर
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में तकनीकी कौशल सबसे जरूरी है।
"आज दुनिया तेजी से बदल रही है, मशीनों का दौर है, ऐसे में अगर युवा तकनीक से दूर रहे तो वे पीछे छूट जाएंगे।"
इसके लिए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इलेक्ट्रिक व्हीकल रिपेयरिंग जैसी नई तकनीकों पर आधारित कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है।
रोजगार के लिए अब बाहर जाने की जरूरत नहीं!
मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड के युवाओं को रोजगार के लिए अब दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
राज्य में ही स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड स्तर पर कौशल विकास केंद्र खोले जा रहे हैं।
कैंपस प्लेसमेंट और रोजगार मेले के जरिए अब तक 50,000 से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है।
हुनरमंद बनो, रोजगार खुद तुम्हारे पास आएगा!
मुख्यमंत्री सोरेन ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा,
"हुनरमंद व्यक्ति के पास रोजगार खुद आता है, उसे नौकरी के लिए दौड़ने की जरूरत नहीं पड़ती।"
इसलिए सरकार युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
सरकार का अगला लक्ष्य क्या है?
आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को और सशक्त बनाना।
नई तकनीकों की पढ़ाई और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना।
स्टार्टअप को बढ़ावा देकर युवाओं को उद्यमी बनाना।
झारखंड को कौशल विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना।
झारखंड में युवा भविष्य के लिए तैयार!
झारखंड सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नियुक्तियों की यह शुरुआत आगे चलकर हजारों युवाओं को एक सुनहरा भविष्य देने वाली है।
अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार और क्या बड़े कदम उठाती है!
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