Jharia Electrician Fall Mystery: पोल पर मरम्मत के दौरान गिरे श्याम सुंदर, करंट या लू—दो थ्योरी हुईं जहमत, आंदोलन की चेतावनी
झरिया में बिजली मरम्मत के दौरान पोल से गिरे कर्मचारी श्याम सुंदर, हीट स्ट्रोक या करंट से अनियंत्रित, सेफ्टी मानकों पर उठे सवाल।
Dhanbad Shocker: झरिया में बिजली मरम्मत कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। पोल पर काम कर रहे बिजली कर्मचारी श्याम सुंदर अचानक अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़े। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
करंट लगा या हीट स्ट्रोक का शिकार?
हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं:
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करंट थ्योरी: कुछ सहकर्मियों का कहना है कि मरम्मत के दौरान तार में अचानक करंट आ गया, जिससे झटका लगने के कारण वह गिर पड़े।
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हीट स्ट्रोक थ्योरी: स्थानीय लोगों का मानना है कि झरिया की भीषण तपिश और चिलचिलाती धूप में पोल पर काम करते वक्त कर्मचारी को अचानक चक्कर आया होगा।
करंट होता तो दूसरा साथी भी होता प्रभावित?
इस रहस्य में एक अहम सवाल यह भी है कि पोल पर साथ में काम कर रहे दूसरे कर्मचारी जीतन बाउरी को करंट नहीं लगा और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसलिए करंट आने की आशंका पर संदेह के घेरे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग तारों का करंट क्षमता भिन्न हो सकती है, इसलिए जीतन सुरक्षित रह सकते थे।
सेफ्टी गियर, हेलमेट, बेल्ट और शटडाउन की अनदेखी
इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। बड़े प्रश्न हैं:
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क्या ऊंचाई पर काम कर रहे कर्मियों के पास सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और इंसुलेटेड दस्ताने थे?
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क्या मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले लिखित शटडाउन लिया गया था?
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क्या विभाग में पोल पर काम के लिए दो लोगों की टीम होने की अनिवार्यता का पालन किया गया?
कोयला क्षेत्र में बढ़ती विद्युत दुर्घटनाएं
झरिया, जो अपने कोयला खदानों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, वहीं यहाँ अव्यवस्थित विद्युत केबल, चोरी की बिजली और कटे-फटे तार आम दृश्य हैं। इस इलाके में बिजली के पोल पर पिछले कुछ वर्षों में कई दुर्घटनाएं हुई हैं। विद्युत विभाग कर्मचारी जोखिम उठाकर काम करते हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और बेहतर शेड्यूलिंग नहीं मिलने से उनकी जान खतरे में पड़ जाती है।
अस्पताल में गंभीर स्थिति में है श्याम सुंदर
श्याम सुंदर को गिरने के बाद गंभीर चोटें आई हैं, उनका अस्पताल में इलाज जारी है। उनके परिवार में कोहराम है। अगर वह काम पर जाते ही सुरक्षित नहीं होते तो कैसे हर दिन ऐसी दुर्घटनाएं घटती हैं? विभाग अब तक मौन है।
विभाग अब तक जांच में व्यस्त, समाज आंदोलन की तैयारी में
हादसे के बाद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभाग का कहना है कि आंतरिक जांच चल रही है। वहीं विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष अर्जुन विश्वकर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि इलाज का पूरा खर्च, मुआवजा और नौकरी पर बहाली सुनिश्चित नहीं की गई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
आपकी राय क्या है – क्या यह हादसा करंट के कारण हुआ या हीट स्ट्रोक से? क्या बिजली विभाग को कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सेफ्टी बेल्ट, हैलमेट और शेड्यूल शटडाउन लाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आप या आपके परिवव में कोई बिजली विभाग में काम करता है तो सुरक्षा मानकों का पालन करना सुनिश्चित करें।
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