Sakchi Loot: गैस कटर चला, SSP ऑफिस के पास आधा दर्जन दुकानें साफ, जमशेदपुर में बड़ी सेंधमारी
जमशेदपुर के साकची में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए चोरों ने एसएसपी ऑफिस के बिल्कुल करीब आधा दर्जन दुकानों के ताले गैस कटर से काट दिए हैं। जुबली पार्क गेट के पास हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिसिया गश्त और शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों के बुलंद हौसलों और इस दुस्साहसिक चोरी की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है।
जमशेदपुर, 20 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर में बीती रात चोरों ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने शहरवासियों को हैरत में डाल दिया है। साकची थाना क्षेत्र अंतर्गत जुबली पार्क गेट के ठीक सामने, जिला पुलिस मुख्यालय और एसएसपी (SSP) ऑफिस से चंद कदमों की दूरी पर चोरों ने आधी रात को 'गैस कटर' चलाया और एक के बाद एक आधा दर्जन दुकानों को खंगाल डाला। यह घटना केवल एक चोरी नहीं, बल्कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले जोन में सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का बड़ा प्रमाण है।
इतिहास: साकची और जुबली पार्क का 'सुरक्षा कवच'
साकची का जुबली पार्क गेट इलाका दशकों से जमशेदपुर का हृदय स्थल रहा है। 1958 में टाटा स्टील द्वारा शहर को तोहफे में दिए गए इस पार्क के आसपास का क्षेत्र हमेशा से 'हाई-प्रोफाइल' रहा है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ की सड़कें रात भर पुलिस की गश्त और रणनीतिक चेकपॉइंट्स के लिए जानी जाती रही हैं क्योंकि जिला प्रशासन के तमाम बड़े कार्यालय यहीं स्थित हैं। पुराने समय में इस क्षेत्र में परिंदा भी पर नहीं मार सकता था, लेकिन शनिवार की सुबह जो मंजर दिखा, उसने सुरक्षा के उस पुराने गौरव पर गहरी चोट की है।
गैस कटर का खौफ: मिनटों में कटीं दुकानें
शनिवार की सुबह जब रोज की तरह दुकानदार अपनी रोजी-रोटी की उम्मीद लेकर दुकानें खोलने पहुँचे, तो उनके होश उड़ गए। चोरों ने किसी साधारण ताला तोड़ने वाली रॉड का नहीं, बल्कि आधुनिक गैस कटर का इस्तेमाल किया था।
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निशाने पर छोटे दुकानदार: चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से फुटपाथी दुकानों को अपना शिकार बनाया।
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बिखरा सामान और खाली गल्ला: दुकानों के भीतर का सारा कीमती सामान गायब था और नकदी के डिब्बे खुले पड़े थे। चोरों ने हजारों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया है।
वो दुकानदार जो बने सिस्टम की लापरवाही का शिकार
चोरी की इस सनसनीखेज वारदात में उन मेहनतकश लोगों की पूंजी चली गई जो दिन-रात मेहनत कर अपना घर चलाते हैं। प्रभावित दुकानों की सूची इस प्रकार है:
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अविनाश कुमार की पान दुकान।
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सदन केवट की मशहूर लिट्टी दुकान।
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बाबू नंद की चाय की दुकान।
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प्रदीप दास की दूध की डेयरी।
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विष्णु की पान दुकान और राजा कुमार की मोमोज दुकान।
चोरी की वारदात का घटनाक्रम (Case File)
| विवरण | जानकारी |
| घटना स्थल | जुबली पार्क गेट के सामने (साकची) |
| पुलिस स्टेशन | साकची थाना |
| दूरी | एसएसपी ऑफिस से महज कुछ मीटर |
| उपयोग किया गया हथियार | गैस कटर और कटर मशीन |
| नुकसान | हजारों की नकदी और कीमती किराना सामान |
पुलिस की तफ्तीश और उठते गंभीर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अब आसपास के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि गैस कटर जैसा भारी उपकरण लेकर चोर इतनी सुरक्षा के बीच कैसे दाखिल हुए।
आम जनता का आक्रोश: स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एसएसपी ऑफिस के नाक के नीचे चोर गैस कटर चला सकते हैं, तो शहर के आम मोहल्लों में सुरक्षा की क्या गारंटी है? क्या रात में पुलिस की गश्ती केवल मुख्य सड़कों तक सीमित है?
कानून व्यवस्था की अग्निपरीक्षा
जमशेदपुर की यह घटना प्रशासन के लिए एक वेक-अप कॉल है। वीवीआईपी दौरों और कागजी सुरक्षा के बीच जमीन पर अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। साकची पुलिस के लिए अब यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है कि वे इन 'गैस कटर' वाले चोरों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे पहुँचाते हैं।
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