Sakchi Attack: साकची में भाजपा नेता समेत दो भाइयों पर चापड़ से हमला, टीएमएच में भर्ती, शहर के बीचों-बीच हुई वारदात से हड़कंप
जमशेदपुर के साकची में भाजपा नेता अमरजीत शर्मा और संजीत शर्मा पर चापड़ से जानलेवा हमला हुआ है। टीएमएच में जारी इलाज और शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था के बीच इस हमले की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/साकची, 9 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का हृदय स्थल कहा जाने वाला साकची थाना क्षेत्र एक बार फिर रक्त रंजित हो उठा है। शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में सरेआम चापड़ चलने की घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस बार हमलावरों के निशाने पर दो सगे भाई थे, जिनमें से एक का संबंध सत्ताधारी राजनीति से होने के कारण मामला और भी गर्मा गया है। घायलों की पहचान संजीत शर्मा और अमरजीत शर्मा के रूप में हुई है। दोनों को लहूलुहान हालत में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
सरेआम वारदात: चापड़ के वार से दहल उठा साकची
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार की देर शाम जब साकची के बाजार में चहल-पहल थी, तभी अचानक अज्ञात हमलावरों ने संजीत और अमरजीत पर हमला बोल दिया।
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जानलेवा हमला: हमलावरों ने धारदार हथियार 'चापड़' का इस्तेमाल किया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हमला इतना अचानक और भीषण था कि दोनों भाइयों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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खून से लथपथ हुए भाई: हमले में संजीत और अमरजीत के शरीर पर गहरे जख्म आए हैं। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे।
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टीएमएच में इलाज: घायलों को तुरंत निजी वाहनों से टीएमएच ले जाया गया। अस्पताल परिसर में शुभचिंतकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई है।
राजनीतिक कनेक्शन: भाजपा नेता पर हमले से गरमाया माहौल
इस हमले ने जमशेदपुर की राजनीति में उबाल ला दिया है।
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भाजपा से जुड़ाव: घायल अमरजीत शर्मा का संबंध भारतीय जनता पार्टी (BJP) से बताया जा रहा है। जैसे ही यह खबर फैली, भाजपा के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुँचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
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हमले का मकसद: अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या हाल के दिनों में भाइयों का किसी से कोई विवाद हुआ था।
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पुलिस की जांच: साकची थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
अपराध और व्यापार का 'कॉकटेल'
साकची जमशेदपुर का सबसे पुराना और प्रमुख बाजार क्षेत्र है, जहाँ का इतिहास व्यापारिक समृद्धि के साथ-साथ 'गैंगवार' और 'पॉकेट क्राइम' से भी जुड़ा रहा है।
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बाजार की संवेदनशीलता: साकची मार्केट में रोजाना लाखों की संख्या में फुटफॉल होता है। यहाँ की तंग गलियां और भीड़भाड़ अक्सर अपराधियों को वारदात के बाद भागने में मदद करती हैं।
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चापड़ संस्कृति का उदय: जमशेदपुर में पिछले कुछ वर्षों में 'चापड़' (एक बड़ा धारदार हथियार) का इस्तेमाल बढ़ना पुलिस के लिए चिंता का विषय रहा है। साकची और काशीडीह जैसे इलाकों में पहले भी इस तरह की वारदातें शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती रही हैं।
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लगातार चुनौतियां: हाल के महीनों में साकची क्षेत्र में चोरी और छिनतई के बाद अब जानलेवा हमले की इस घटना ने व्यापारियों के बीच भी असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
अगली कार्रवाई: आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
एसएसपी के निर्देश पर साकची पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस बाजार की उन दुकानों के फुटेज निकाल रही है जहाँ से हमलावर गुजरे थे। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की भी खबर है।
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बयान दर्ज: घायलों की स्थिति में सुधार होने पर पुलिस उनका विस्तृत बयान दर्ज करेगी, जिससे हमलावरों की पहचान आसान हो सकेगी।
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सुरक्षा बढ़ाई गई: घटना के बाद साकची के मुख्य चौराहों और टीएमएच के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या राजनीतिक विरोध को संभाला जा सके।
साकची में भाजपा नेता और उनके भाई पर हुआ यह हमला जमशेदपुर पुलिस के लिए एक कड़ी परीक्षा है। शहर के बीचों-बीच चापड़ चलना यह बताता है कि अपराधियों के मन में कानून का डर कम होता जा रहा है। अमरजीत शर्मा का राजनीतिक कद इस मामले को और भी संवेदनशील बना देता है। अब शहरवासियों की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या पुलिस अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाएगी या फिर साकची की गलियों में 'चापड़' की यह जंग जारी रहेगी? फिलहाल, पूरे जमशेदपुर में इस खूनी संघर्ष की चर्चा जोरों पर है।
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