Jamshedpur Raid : 60 लीटर अवैध शराब बरामद, 1500 किलो महुआ नष्ट, तस्कर फरार
जमशेदपुर के बटालुका और गोबर घुसी में उत्पाद विभाग का छापा, 60 लीटर अवैध शराब बरामद, 1500 किलो महुआ नष्ट, तस्कर फरार, केस दर्ज।
जमशेदपुर: उत्पाद विभाग ने सहायक आयुक्त उत्पादन के निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। यह छापेमारी जमशेदपुर के बटालुका और गोबर घुसी गांव में की गई। विभाग को इन दोनों गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने की सूचना मिली थी।
60 लीटर शराब बरामद, 1500 किलो महुआ नष्ट
सहायक आयुक्त उत्पाद ने शनिवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि इन दोनों गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाई जा रही है। सूचना के बाद तुरंत टीम बनाकर छापेमारी की गई।
खास बात: दोनों गांवों से 60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद हुई है, जबकि 1500 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | बटालुका + गोबर घुसी गांव, जमशेदपुर |
| बरामद शराब | 60 लीटर (चुलाई देसी शराब) |
| नष्ट महुआ | 1500 किलोग्राम |
| गिरफ्तारी | कोई नहीं (सभी फरार) |
| स्थिति | केस दर्ज, आरोपियों की तलाश |
छापे के दौरान शराब बन रही थी, तस्कर भागे
सहायक आयुक्त उत्पाद ने बताया कि जब छापेमारी की गई तो वहां शराब बनाई जा रही थी। उत्पाद विभाग के जवानों को देखते ही शराब बना रहे लोग वहां से भाग खड़े हुए।
जवानों ने उनका पीछा किया, लेकिन वह मौके का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। उत्पाद विभाग के जवान इस बार किसी को भी पकड़ने में कामयाब नहीं हुए।
क्यों बार-बार फरार हो रहे हैं तस्कर?
यह पहली बार नहीं है जब उत्पाद विभाग के जवान छापेमारी करते हैं और शराब बनाने वाले फरार हो जाते हैं।
मुख्य कारण:
-
जंगल इलाका – छिपने के लिए बेहतर विकल्प
-
स्थानीय मुखबिर – तस्करों को पहले से सूचना मिल जाती है
-
कम पुलिस बल – एक साथ कई एग्जिट प्वाइंट
-
भागने के लिए तैयार रहते हैं – हमेशा सतर्क
अब क्या होगा?
इस मामले में अवैध शराब विक्रेताओं और बनाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस आरोपियों का पता लगाकर उन्हें जेल भेजेगी।
प्रशासन का कहना है:
"हम आरोपियों का पता लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजेंगे। इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।"
अवैध शराब के खिलाफ बड़ा अभियान
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अवैध शराब के खिलाफ कई कार्रवाइयां हो चुकी हैं।
पिछली बड़ी कार्रवाइयां:
| तारीख | स्थान | बरामदगी |
|---|---|---|
| अप्रैल 2025 | बटालुका | शराब + महुआ बरामद |
| मई 2025 | गोबर घुसी | 60 लीटर शराब + 1500 किलो महुआ |
| मई 2025 | टोकलो | 40 लीटर शराब + 1600 किलो महुआ |
क्या है चुलाई शराब और जावा महुआ?
चुलाई शराब: स्थानीय स्तर पर बनाई जाने वाली देसी शराब। इसे महुआ के फूलों से बनाया जाता है।
जावा महुआ: महुआ के फूलों का सूखा रूप। इसे पानी में भिगोकर उबाला जाता है और फिर किण्वन के बाद शराब बनाई जाती है।
गणित:
-
1500 किलो महुआ से लगभग 800-1000 लीटर शराब बनाई जा सकती थी
-
बाजार में इसकी कीमत 5-8 लाख रुपये हो सकती थी
इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके आसपास भी बनती है अवैध शराब?
क्या आपने कभी अपने आसपास अवैध शराब बनते या बिकते देखा है? क्या पुलिस को इसकी जानकारी है?
-
कमेंट में बताएं – आपके इलाके में अवैध शराब की क्या स्थिति है?
-
शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि लोग सतर्क रहें
अवैध शराब के नुकसान
अवैध शराब का सेवन करना जानलेवा साबित हो सकता है। इस तरह की शराब में:
| खतरा | परिणाम |
|---|---|
| मिथाइल अल्कोहल | अंधापन, मौत |
| कोई गुणवत्ता जांच नहीं | असुरक्षित पदार्थ |
| जहरीले मिक्सर | लीवर फेल होना |
लोगों से अपील – सूचना दें, जान बचाएं
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं अवैध शराब बनती या बिकती दिखे, तो तुरंत उत्पाद विभाग या पुलिस को सूचित करें।
सूचना देने के तरीके:
-
डायल 100 – पुलिस हेल्पलाइन
-
नजदीकी थाने में जाकर सूचना दें
-
गुप्त नंबर पर व्हाट्सएप करें
आगे क्या होगा?
उत्पाद विभाग ने केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही, अन्य संभावित स्थानों पर भी छापेमारी की योजना बनाई जा रही है।
प्रशासन का बयान:
"अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। हम किसी भी कीमत पर इस कारोबार को बढ़ने नहीं देंगे।"
नशे से दूर रहें, सुरक्षित रहें। अवैध शराब का सेवन न करें और न ही दूसरों को करने दें। अगर आपके आसपास कहीं अवैध शराब बनती या बिकती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना कई लोगों की जान बचा सकती है।
साझा करें: यह खबर आपको जानकारी से भरपूर लगी हो, तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। और अपने शहर से जुड़ी ऐसी ही ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें हमारे साथ।
What's Your Reaction?


