Jamshedpur Suicide : कारोबारी ने घर पर लगा ली फांसी, बेटी ने देखा खौफनाक मंजर

जमशेदपुर के जुगसलाई में कारोबारी देवानंद विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर दी जान, घटना के वक्त घर पर थी मासूम बेटी, एमजीएम अस्पताल में मृत घोषित, पुलिस जांच में जुटी।

May 23, 2026 - 15:31
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Jamshedpur Suicide : कारोबारी ने घर पर लगा ली फांसी, बेटी ने देखा खौफनाक मंजर
Jamshedpur Suicide : कारोबारी ने घर पर लगा ली फांसी, बेटी ने देखा खौफनाक मंजर

जमशेदपुर: जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र के एमई स्कूल रोड में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक कारोबारी ने घर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के वक्त घर पर उनकी मासूम बेटी मौजूद थी, जिसने यह खौफनाक मंजर देखा।

बेटी ने दी घटना की सूचना

मृतक का नाम देवानंद विश्वकर्मा (38) था। वह पेशे से कारोबारी थे और नशे के आदी बताए जाते हैं। घटना के वक्त उनकी बेटी भी घर पर मौजूद थी। यह बेटी ही थी जिसने सबसे पहले अपने पिता को फंदे पर लटका देखा और चीख पड़ी

खास बात: बेटी की चीख सुनकर आसपास के पड़ोसी दौड़े आए और आनन-फानन में देवानंद को फंदे से उतारकर एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर चुके थे।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवानंद नशे के आदी थे। पिछले कुछ दिनों से वह काफी तनाव में भी दिख रहे थे।

विवरण जानकारी
नाम देवानंद विश्वकर्मा
उम्र 38 वर्ष
पेशा कारोबारी
स्थान एमई स्कूल रोड, जुगसलाई
घटना का समय शुक्रवार देर रात
घर में मौजूद मासूम बेटी
बचाने का प्रयास पड़ोसियों द्वारा फंदे से उतारा, अस्पताल ले जाया गया
परिणाम एमजीएम अस्पताल में मृत घोषित

आत्महत्या के पीछे क्या कारण?

फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह जांच का विषय है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

संभावित कारण (जांच का विषय):

  • व्यापार में घाटा

  • नशे की लत

  • मानसिक अवसाद

  • पारिवारिक कलह

पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा

शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी।

पुलिस का कहना है: इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। मौत के कारणों की जांच जारी है। अगर इस मामले में किसी की भूमिका सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जमशेदपुर में आत्महत्या के बढ़ते मामले

जमशेदपुर शहर में पिछले कुछ सालों में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़े हैं। तनाव, अवसाद, नशा और आर्थिक समस्याएं इसके प्रमुख कारण हैं।

पिछले तीन सालों के आंकड़े:

वर्ष आत्महत्या के मामले
2023 150+
2024 160+
2025 (अब तक) 70+

बच्चों पर पड़ता है गहरा मानसिक आघात

जब किसी बच्चे की आंखों के सामने माता-पिता इस तरह कदम उठा लेते हैं, तो उन पर गहरा मानसिक आघात होता है। इस मामले में भी मासूम बेटी को यह खौफनाक मंजर देखना पड़ा।

विशेषज्ञों की सलाह:

  • बच्चे को तुरंत काउंसलिंग करवाएं

  • पूरे परिवार का साथ दें

  • उसे अपने अकेलेपन से बाहर निकालें

इंटरैक्टिव भाग – क्या आपने कभी ऐसी घटना देखी है?

क्या आपने कभी अपने आसपास किसी को आत्महत्या करते देखा है? क्या आपको लगता है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़नी चाहिए?

  • कमेंट में बताएं – आपके अनुसार ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है?

  • शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों

कैसे पहचानें आत्महत्या के संकेत?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ये संकेत दिखाए तो सतर्क हो जाएं:

संकेत क्या देखें
अचानक अलग-थलग होना दोस्तों और परिवार से दूरी बनाना
नकारात्मक बातें करना 'जीने का कोई मतलब नहीं' जैसे वाक्य
पुरानी चीजें बांटना अपनी पसंदीदा चीजें दूसरों को देना
अचानक शांत हो जाना पहले उग्र थे, अचानक बहुत शांत
नींद न आना या बहुत सोना मानसिक अवसाद का संकेत

अगर किसी को संकट में देखें तो क्या करें?

  1. बात करें – उनकी समस्या को धैर्यपूर्वक सुनें

  2. अकेला न छोड़ें – किसी को संकट में अकेला न छोड़ें

  3. मदद लें – मनोचिकित्सक या काउंसलर से संपर्क करें

  4. हेल्पलाइन पर कॉल करें – नीचे दिए गए नंबरों पर कॉल करें

हेल्पलाइन नंबर (सहायता के लिए)

अगर आप या आपके जानने वाला किसी को अवसाद या आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, तो इन नंबरों पर संपर्क करें:

  • मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (भारत सरकार): 1800-599-0019

  • AASRA (24x7 हेल्पलाइन): 9820466726

  • iCall (टाटा इंस्टीट्यूट): 9152987821

आगे क्या होगा?

पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल परिवार में मातम का माहौल है, खासकर बेटी की मानसिक स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। परिजनों को काउंसलिंग देने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का कहना है:

"तनाव और अवसाद को नजरअंदाज न करें। यह एक बीमारी है, इसका इलाज संभव है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को इस तरह की समस्या है तो कृपया मदद लेने में संकोच न करें।"

याद रखें: जिंदगी बहुत कीमती है। मुश्किल वक्त में थोड़ा धैर्य और एक बार किसी से बात करने से राहत मिल सकती है। कृपया आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।