Jamshedpur Scam: रेलवे नौकरी के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, फर्जी आर्मी आईडी और टॉय गन के साथ 4 गिरफ्तार!

जमशेदपुर में रेलवे और बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी! पुलिस ने इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश किया, 4 गिरफ्तार। जानिए पूरी खबर!

Feb 27, 2025 - 15:58
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Jamshedpur Scam: रेलवे नौकरी के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, फर्जी आर्मी आईडी और टॉय गन के साथ 4 गिरफ्तार!
Jamshedpur Scam: रेलवे नौकरी के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, फर्जी आर्मी आईडी और टॉय गन के साथ 4 गिरफ्तार!

जमशेदपुर: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो चुका है! जमशेदपुर पुलिस ने इंटरस्टेट फर्जीवाड़ा गैंग के चार ठगों को धर दबोचा है। ये शातिर अपराधी फर्जी इंडियन आर्मी आईडी, नकली नियुक्ति पत्र, टॉय गन और आर्मी स्टैंप का इस्तेमाल कर बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहे थे। गिरोह के बैंक अकाउंट से अब तक 2 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

कैसे चलता था यह ठगी का खेल?

 गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवाओं को रेलवे और बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
फर्जी रिपोर्टिंग लेटर और जॉइनिंग लेटर देकर भरोसा जीतते थे।
 ठगों ने कई अभ्यर्थियों को फर्जी ट्रेनिंग पर भी भेजा, ताकि वे शक न करें।
 ज्यादातर रकम कैश में लेते थे और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बहुत कम करते थे।
 ठगी का यह खेल 2022 से चल रहा था और कई जिलों में फैला था।

गिरफ्तार अपराधी कौन हैं?

पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है:
मनीष कुमार उर्फ अभय कुमार (34) – चास, बोकारो से गिरफ्तार
दीपराज कुमार भट्टाचार्य उर्फ सोनू – चास, बोकारो से गिरफ्तार
दिनेश कुमार – आसनसोल से गिरफ्तार
 मंतोष कुमार महली – रांची से गिरफ्तार

क्या-क्या बरामद हुआ?

गिरोह के पास से आश्चर्यजनक सामान बरामद हुए:
2 फर्जी इंडियन आर्म्ड फोर्स आईडी कार्ड
1 आधार कार्ड, 3 डेबिट कार्ड, 1 पैन कार्ड
इंडियन आर्मी का स्टैंप और टॉय गन (पिस्तौल जैसी दिखने वाली नकली बंदूक)
एक वैगनार कार
गोली और अन्य संदिग्ध दस्तावेज

कैसे हुआ खुलासा?

इस मामले का खुलासा जून 2024 में हुआ, जब एक पीड़ित ने बिष्टुपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत छानबीन शुरू की और आर्मी की मदद से पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

इतिहास में भी हुए हैं ऐसे फर्जीवाड़े!

भारत में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का इतिहास पुराना है। हर साल हजारों युवा रेलवे, बैंक, सेना जैसी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं। बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठग गिरोह बेरोजगारों को शिकार बनाते हैं।
2019 में बिहार में भी ऐसा ही एक गिरोह पकड़ा गया था, जिसने सैकड़ों युवाओं से लाखों की ठगी की थी।
2015 में दिल्ली में भी फर्जी रेलवे भर्ती घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, जहां उम्मीदवारों से नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले गए थे।

फर्जी SBI जॉब स्कैम भी शामिल!

इस गिरोह ने सिर्फ रेलवे ही नहीं, बल्कि एसबीआई में भी फर्जी जॉब दिलाने की ठगी की थी। एक अभ्यर्थी को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बैंक में नौकरी पर भी लगाया गया, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि नौकरी पूरी तरह फर्जी थी!

अब क्या करेगी पुलिस?

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी कौशल किशोर ने कहा कि "हम जांच कर रहे हैं कि इस गिरोह ने किन-किन लोगों से ठगी की और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।"

सवाल यह उठता है कि...

क्या अन्य जिलों में भी ऐसे ठगी गिरोह सक्रिय हैं?
क्या बेरोजगार युवाओं को ऐसे जालसाजों से बचाने के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी?
आप इस मामले पर क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं!

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Nihal Ravidas निहाल रविदास, जिन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई की है, तकनीकी विशेषज्ञता, समसामयिक मुद्दों और रचनात्मक लेखन में माहिर हैं।