Jamshedpur Slap: हेलमेट नहीं पहना तो पुलिसकर्मी ने सरेआम जड़ दिए थप्पड़, वीडियो वायरल!
जमशेदपुर में पुलिस की सख्ती थप्पड़ों तक पहुंची! हेलमेट नहीं पहना तो पुलिसकर्मी ने स्कूटी सवार को सरेआम थप्पड़ मार दिया, वीडियो वायरल। जानिए पूरी घटना।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस की सख्ती अब थप्पड़ों तक पहुंच गई है! आजादनगर थाना क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट स्कूटी सवारों को थप्पड़ मार दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी दुकान से बाहर आता है और दो अलग-अलग स्कूटी सवारों को थप्पड़ जड़ देता है।
पहला युवक अपनी बहन के साथ स्कूटी पर था। जब पुलिसकर्मी ने उससे हेलमेट न पहनने का कारण पूछा, तो उसने घर पास होने की वजह बताई, लेकिन पुलिसकर्मी ने जवाब सुनते ही उसे थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद, एक और स्कूटी सवार युवक पुलिसकर्मी के गुस्से का शिकार हुआ, जिससे उसका मोबाइल सड़क पर गिर गया।
इस घटना के बाद लोगों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मी के इस बर्ताव की कड़ी निंदा हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं – क्या कानून लागू करने की जिम्मेदारी अब हाथ उठाने के अधिकार में बदल गई है?
थप्पड़ कांड पर बढ़ता गुस्सा – सोशल मीडिया पर बवाल!
घटना का वीडियो वायरल होते ही लोगों ने पुलिस की इस बर्बरता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #JusticeForScootyRiders ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इस पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा – "क्या जमशेदपुर पुलिस को मारपीट करने का लाइसेंस दे दिया गया है?"
वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा – "ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालान काटिए, थप्पड़ क्यों मार रहे हैं?"
क्या यह पहली बार हुआ है? जमशेदपुर पुलिस का पुराना रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में
यह पहली बार नहीं है जब जमशेदपुर पुलिस पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पिछले साल जुबली पार्क गोलचक्कर पर भी एक पुलिसकर्मी ने एक बाइक सवार को बेरहमी से पीटा था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद काफी बवाल मचा था।
पुलिसकर्मियों द्वारा सड़क पर लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जमशेदपुर पुलिस की छवि धूमिल होती जा रही है।
क्या कानून खुद तोड़ रही है पुलिस?
पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना होता है, न कि उन पर हाथ उठाना।
भारतीय संविधान में किसी भी नागरिक को पीटने का अधिकार किसी को नहीं दिया गया है – फिर वो पुलिसकर्मी क्यों न हो।
अगर कोई ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना देना चाहिए, न कि थप्पड़ खाना।
जमशेदपुर पुलिस पर उठ रहे हैं बड़े सवाल
क्या जमशेदपुर पुलिस का यह नया तरीका है जनता को कानून का पाठ पढ़ाने का?
क्या SSP ने पुलिसकर्मियों को थप्पड़ मारने की खुली छूट दे दी है?
क्या अब आम नागरिकों को सड़क पर पुलिस के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा?
अब आगे क्या? क्या होगी पुलिस पर कार्रवाई?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
अगर पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस विभाग को जल्द ही इस मामले में जवाब देना पड़ सकता है।
सवाल आपसे – क्या यह न्यायसंगत है?
क्या पुलिस को ऐसे थप्पड़ मारने का हक मिलना चाहिए?
क्या जमशेदपुर प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम बनाएगा?
आपकी राय हमें कमेंट सेक्शन में बताएं!
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