Kowali Rescue: खौफनाक वारदात, ढेगाम हाट से 4 माह का बच्चा चोरी, पुलिस ने 14 घंटे में ऐसे छुड़ाया मासूम

जमशेदपुर के कोवाली में ढेगाम हाट बाजार से अगवा हुए 4 माह के मासूम को पुलिस ने 14 घंटे के रोमांचक ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। मुर्गी बेच रही मां की गोद से बच्चे को गायब करने वाली महिला की गिरफ्तारी और फरार गिरोह की रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी भीड़भाड़ वाले बाजारों में छिपे इन 'बच्चा चोर' गिरोहों के खतरनाक इरादों से अनजान रह जाएंगे।

Jan 12, 2026 - 17:08
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Kowali Rescue: खौफनाक वारदात, ढेगाम हाट से 4 माह का बच्चा चोरी, पुलिस ने 14 घंटे में ऐसे छुड़ाया मासूम
Kowali Rescue: खौफनाक वारदात, ढेगाम हाट से 4 माह का बच्चा चोरी, पुलिस ने 14 घंटे में ऐसे छुड़ाया मासूम

जमशेदपुर/कोवाली, 12 जनवरी 2026 – लौहनगरी से सटे कोवाली थाना क्षेत्र में रविवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब एक भरे-पूरे हाट बाजार से 4 माह के मासूम बच्चे का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया गया। लेकिन जमशेदपुर पुलिस ने अपनी मुस्तैदी का लोहा मनवाते हुए महज 14 घंटे के भीतर न केवल बच्चे को सकुशल बरामद किया, बल्कि अपहरणकर्ता महिला को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। यह मामला न केवल एक मां की ममता की जीत है, बल्कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण भी बन गया है। ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा किया।

हाट बाजार में बिछा जाल: ममता की चूक और अपहरण

घटना 11 जनवरी 2026 की है, जब रंगामटिया गांव की प्रतिमा सरदार अपने बच्चों के साथ ढेगाम हाट बाजार में मुर्गी बेचने आई थी।

  • भीड़ का फायदा: बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ थी। प्रतिमा ने अपने 4 माह के बेटे 'इन्द्रदेव' को अपनी 6 साल की बेटी ममता की गोद में थमाया और खुद मुर्गी बेचने में व्यस्त हो गई।

  • अदृश्य अपराधी: दोपहर करीब 3 बजे एक अज्ञात महिला भीड़ के बीच से निकली और मासूम ममता को बहला-फुसलाकर उसकी गोद से 4 माह के भाई को लेकर चंपत हो गई।

  • 6 बजे मचा हड़कंप: शाम 6 बजे जब काम खत्म हुआ और प्रतिमा ने अपने बेटे को ढूंढा, तब उसे पता चला कि उसका कलेजा कोई चुरा ले गया है।

14 घंटे का 'ऑपरेशन रेस्क्यू': आधी रात को पुलिस की दबिश

ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस के पास सुराग बहुत कम थे, लेकिन इरादे फौलादी।

  1. छापेमारी: कोवाली, पोटका और जादूगोड़ा थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम ने रात भर आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

  2. पहली सफलता: पुलिस की टीम भेलाईडीह गांव पहुँची, जहाँ से आरोपी महिला झुमारानी मंडल (40 वर्ष) को रंगे हाथ दबोच लिया गया। मासूम इन्द्रदेव वहीं बरामद हुआ।

  3. वापसी: सोमवार सुबह जब पुलिस बच्चे को लेकर थाने पहुँची, तो मां प्रतिमा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पुलिस ने मासूम को उसकी मां की सुरक्षित गोद में सौंप दिया।

कोवाली अपहरण केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
अपहृत बच्चा इन्द्रदेव सरदार (उम्र 4 माह)
गिरफ्तार आरोपी झुमारानी मंडल (40 वर्ष), पति- प्रभात मंडल
घटनास्थल ढेगाम हाट बाजार, कोवाली
रेस्क्यू टाइम मात्र 14 घंटे के भीतर
पुलिस टीम मुसाबनी डीएसपी के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स

इतिहास का पन्ना: कोल्हान के हाट बाजारों में 'बच्चा चोर' गिरोह का साया

जमशेदपुर और कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार ऐतिहासिक रूप से व्यापार के केंद्र रहे हैं, लेकिन बीते कुछ दशकों में ये 'चाइल्ड ट्रैफिकिंग' गिरोहों के निशाने पर भी आए हैं। साल 2017 और 2022 में भी पोटका और धालभूमगढ़ के बाजारों से बच्चों के गायब होने की ऐसी ही घटनाएं दर्ज की गई थीं। इतिहास गवाह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मासूमियत और भीड़ का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं जो बच्चों को गोद लेने के नाम पर या अन्य अवैध कामों के लिए बेच देते हैं। कोवाली पुलिस की इस 14 घंटे की ऐतिहासिक सफलता ने उस खौफ को कम किया है जो अक्सर इन ग्रामीण बाजारों में मांओं के मन में घर कर जाता है।

फरार अभियुक्तों की तलाश: पुलिस की रडार पर पूरा गिरोह

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि गिरफ्तार महिला झुमारानी मंडल अकेली नहीं थी।

  • अन्य आरोपी फरार: इस साजिश में कुछ और लोग भी शामिल थे जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी पहचान कर चुकी है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

  • जांच के बिंदु: पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी बच्चों की तस्करी में शामिल रहा है और क्या झुमारानी का कोई बड़ा क्रिमिनल नेटवर्क है।

  • टीम को सम्मान: इस सफल अभियान में संदीप भगत, सुरेश प्रसाद, धनंजय कुमार पासवान और सन्नी टोप्पो जैसे अधिकारियों की भूमिका की सराहना की जा रही है।

सतर्कता ही सुरक्षा का मूल मंत्र है

कोवाली पुलिस की इस जीत ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया। लेकिन यह घटना एक सबक भी है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई भी ढिलाई कितनी महंगी पड़ सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।