Jamshedpur: Politics में उबाल, JMM कार्यालय की बदहाली पर गरमाई सियासत!
जमशेदपुर के भुइयाडीह में झामुमो कार्यालय की जर्जर हालत पर सियासत गरमा गई। युवा नेताओं ने मरम्मत की मांग उठाई, संगठन को मजबूत करने की चर्चाएं तेज।

जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भुइयाडीह बाबूडीह बस्ती स्थित झामुमो कार्यालय की जर्जर हालत को लेकर युवा नेताओं ने आवाज उठाई है।
JMM नेताओं की बैठक, मुद्दों पर चर्चा
झामुमो के युवा नेता प्रहलाद लोहरा और वरिष्ठ नेता राजकुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और पार्टी कार्यालय की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई।
- कार्यालय की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है, जिसे सुधारने की सख्त जरूरत है।
- कार्यकर्ताओं ने पार्टी के जिला कमेटी से जल्द मरम्मत कराने की अपील करने का आश्वासन दिया।
- स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी एकजुटता दिखाते हुए कार्यालय के पुनर्निर्माण की मांग की।
JMM का इतिहास – संघर्ष से सफलता तक!
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना 1972 में हुई थी, जिसने झारखंड राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- शिबू सोरेन के नेतृत्व में यह पार्टी हमेशा आदिवासी अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है।
- झामुमो ने न केवल झारखंड अलग राज्य के लिए संघर्ष किया, बल्कि राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ भी बनाई।
- अब पार्टी को संगठित और मजबूत करने के लिए नए नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम हो गई है।
भविष्य की रणनीति – संगठन को मजबूत करने पर जोर
पार्टी के युवा नेता प्रहलाद लोहरा ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि जिला कमेटी से जल्द बातचीत कर कार्यालय की मरम्मत कराई जाएगी।
- स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि मजबूत संगठन ही आने वाले चुनावों में झामुमो की सफलता की कुंजी होगा।
- नेताओं ने पार्टी की नीतियों और कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया।
- पार्टी कार्यालय को जल्द ठीक करने की मांग को लेकर कार्यकर्ता प्रदर्शन करने की भी योजना बना रहे हैं।
क्या होगा आगे?
JMM कार्यकर्ताओं की मांगें कब पूरी होंगी? क्या पार्टी कार्यालय की मरम्मत जल्द होगी या फिर यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक चर्चा तक सीमित रहेगा? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी जिला कमेटी इस पर कितना ध्यान देती है।
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