Jamshedpur Inauguration: जुगसलाई में सांसद निधि से बना तोरण द्वार, जानिए क्यों है खास!
Jamshedpur Inauguration: सांसद निधि से जुगसलाई दुर्गा बाड़ी के मुख्य प्रवेश द्वार पर भव्य तोरण द्वार का निर्माण किया गया। जानिए इसकी खासियत और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।

जमशेदपुर – झारखंड के जमशेदपुर में जुगसलाई दुर्गा बाड़ी के प्रवेश द्वार पर बने तोरण द्वार का आखिरकार उद्घाटन हो गया। यह द्वार सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग और आस्था का प्रतीक है। सांसद विद्युत वरण महतो ने इस ऐतिहासिक द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया और इसे मंदिर समिति को सौंप दिया।
आखिर क्यों खास है यह तोरण द्वार?
यह सिर्फ एक द्वार नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक है। जुगसलाई दुर्गा बाड़ी न केवल पूजा-अर्चना का स्थान है, बल्कि यहाँ शारदीय नवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। श्रद्धालुओं की मांग थी कि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को भव्य और आकर्षक बनाया जाए, जिससे इसे दूर से ही पहचाना जा सके।
कई सालों से अधूरी थी मांग, सांसद निधि से हुआ निर्माण
स्थानीय लोगों की ओर से कई वर्षों से इस तोरण द्वार के निर्माण की मांग उठाई जा रही थी, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण इसे साकार नहीं किया जा सका। जब मंदिर समिति ने यह मुद्दा सांसद विद्युत वरण महतो के सामने रखा, तो उन्होंने इसे सांसद फंड से पूरा करने की सहमति दी।
3 लाख 81 हजार रुपये की लागत से हुआ निर्माण
सांसद निधि से स्वीकृत हुआ बजट
स्थानीय आस्था को ध्यान में रखते हुए सांसद ने की पहल
कैसा है नया तोरण द्वार?
नया द्वार न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि इसकी संरचना पारंपरिक और आधुनिक शिल्पकला का बेहतरीन उदाहरण है। इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह मंदिर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाए।
सांसद विद्युत वरण महतो ने क्या कहा?
उद्घाटन के दौरान सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि "यह सिर्फ एक द्वार नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी सांसद निधि के तहत संवारने का प्रयास जारी रहेगा।
स्थानीय लोग क्यों हुए खुश?
इस तोरण द्वार के निर्माण से मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। स्थानीय निवासी संजय अग्रवाल ने कहा कि "अब जुगसलाई दुर्गा बाड़ी की पहचान और भी भव्य हो गई है। यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।"
धार्मिक इतिहास से जुड़ा है जुगसलाई दुर्गा बाड़ी
जुगसलाई दुर्गा बाड़ी सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि यह जमशेदपुर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। यहाँ हर साल नवरात्रि और दुर्गा पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। इस मंदिर की स्थापना के पीछे कई ऐतिहासिक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं, जो इसे और खास बनाती हैं।
क्या होगा आगे?
मंदिर परिसर में और सुविधाएं बढ़ाने की योजना
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं पर जोर
अन्य धार्मिक स्थलों के विकास पर सांसद की नजर
क्या आपने यह भव्य तोरण द्वार देखा?
अगर आप जमशेदपुर में रहते हैं या यहाँ घूमने आते हैं, तो जुगसलाई दुर्गा बाड़ी का यह नया तोरण द्वार जरूर देखें। यह सिर्फ एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और आस्था की झलक है।
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