Burmamines Puja: बड़ादेव महोत्सव, गोंडी संस्कृति का ऐतिहासिक मिलन, 11 जनवरी को जमशेदपुर में जूटेगा समाज

अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने बर्मामाइंस में 11 जनवरी 2026 को भव्य बड़ादेव पूजा महोत्सव और मिलन समारोह मनाने का ऐलान कर दिया है। गोंडी रीति-रिवाज, पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य और समाज के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करने वाले इस महा-आयोजन की पूरी रूपरेखा यहाँ दी गई है वरना आप भी अपनी जड़ों से जुड़े इस उत्सव को देखने से चूक जाएंगे।

Dec 22, 2025 - 13:46
 0
Burmamines Puja: बड़ादेव महोत्सव, गोंडी संस्कृति का ऐतिहासिक मिलन, 11 जनवरी को जमशेदपुर में जूटेगा समाज
Burmamines Puja: बड़ादेव महोत्सव, गोंडी संस्कृति का ऐतिहासिक मिलन, 11 जनवरी को जमशेदपुर में जूटेगा समाज

जमशेदपुर, 22 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र में गोंड आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की ओर से दिनेश साह की अध्यक्षता में आयोजित आमसभा में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। आगामी 11 जनवरी 2026 (रविवार) को बर्मामाइंस गुरुद्वारा मैदान में 'बड़ादेव पूजा महोत्सव सह मिलन समारोह' का आयोजन बेहद हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक पूजा नहीं, बल्कि गोंड समुदाय की विलक्षण परंपराओं और गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त मंच बनेगा।

इतिहास: गोंड जनजाति और बड़ादेव की महिमा

गोंड समुदाय भारत की सबसे प्राचीन और समृद्ध जनजातियों में से एक है। ऐतिहासिक रूप से, गोंड साम्राज्य का विस्तार मध्य भारत से लेकर झारखंड और ओडिशा की सीमाओं तक रहा है। बड़ादेव (बुढ़ादेव) को गोंड समुदाय अपना सर्वोच्च आराध्य और कुलदेवता मानता है। मान्यता है कि सृष्टि की रक्षा और समाज में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद बड़ादेव से ही प्राप्त होता है। 14वीं से 18वीं शताब्दी के बीच गोंडवाना साम्राज्य के समय से ही बड़ादेव पूजा का विशेष महत्व रहा है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में इस प्राचीन परंपरा को सहेजना समाज की अपनी पहचान को सुरक्षित रखने की एक बड़ी कोशिश है।

11 जनवरी को बर्मामाइंस में सजेगा गोंडी लोक-रंग

आमसभा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि महोत्सव पूरी तरह से गोंडी रीति-रिवाजों और पारंपरिक विधान के साथ संपन्न होगा।

  • सांस्कृतिक वैभव: समारोह में गोंडी लोकगीत और पारंपरिक नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे, जो समुदाय की कलात्मक पहचान को दर्शाएंगे।

  • बच्चों के लिए विशेष: नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का खाका तैयार किया गया है।

  • अतिथि सम्मान: समाज की प्रगति में योगदान देने वाले विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया जाएगा, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिल सके।

आमसभा में उमड़ा जनसैलाब: एकता की शक्ति

दिनेश साह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुरुष और महिला समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक के दौरान समाज के उत्थान और महोत्सव की सफलता के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

  1. प्रमुख सदस्य: मदन साह, उमेश साह, रामानंद प्रसाद, मनोज प्रसाद, कृष्णा साह, मुन्ना लाल और नरेश साह जैसे वरिष्ठ सदस्यों ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली है।

  2. महिला शक्ति: नीतू कुमारी, अंबे ठाकुर, मंजू देवी और शांति देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने महोत्सव को भव्य बनाने का संकल्प लिया।

  3. सक्रिय भागीदारी: बैठक में हरकेश साह, रामबचन ठाकुर, किशोर साह, रामेश्वर प्रसाद और कन्हैया साह सहित कई लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

बड़ादेव पूजा महोत्सव: महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details)

विवरण जानकारी
दिनांक 11 जनवरी 2026 (रविवार)
स्थान गुरुद्वारा मैदान, बर्मामाइंस (जमशेदपुर)
मुख्य पूजा बड़ादेव पूजा महोत्सव
विशेषता गोंडी रीति-रिवाज और सांस्कृतिक कार्यक्रम
आयोजक अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ

शांतिपूर्ण संपन्न हुई बैठक

बैठक का माहौल पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहा। समाज के हर वर्ग ने अपनी राय रखी और एकता का संदेश दिया। अंत में मनोज प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी से इस ऐतिहासिक महोत्सव को सफल बनाने की अपील की। बर्मामाइंस के गुरुद्वारा मैदान में होने वाला यह मिलन समारोह जमशेदपुर में गोंड समाज के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होने वाला है।

विरासत को सहेजने का संकल्प

11 जनवरी का दिन गोंड समुदाय के लिए केवल एक तारीख नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति की जड़ों को सींचने का दिन होगा। बर्मामाइंस में होने वाली यह बड़ादेव पूजा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह आधुनिकता के बीच अपनी पहचान बचाए रखने का एक बड़ा संदेश भी है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।