Golmuri Theft: लग्जरी कार, गायों की सफाई से तस्करी, जमशेदपुर में गौ-तस्करों का नया और खतरनाक ट्रेंड
जमशेदपुर के गोलमुरी में गौ-तस्करों ने चोरी का ऐसा तरीका अपनाया है जिसे देखकर पुलिस भी हैरान है जहाँ लग्जरी कारों में भरकर गायों को ले जाया जा रहा है। नामदा बस्ती में सीसीटीवी में कैद हुई इस सनसनीखेज वारदात और सोनारी से लेकर गोलमुरी तक फैले इस हाई-टेक तस्करी सिंडिकेट की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आपकी पालतू गाय भी इस गैंग का अगला निशाना हो सकती है।
जमशेदपुर, 20 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर में इन दिनों अपराधी अपने अपराध करने के तरीकों को इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि पुलिस और आम जनता दोनों के होश उड़ गए हैं। शहर में अब पारंपरिक ट्रकों या पिकअप वैन के बजाय 'लग्जरी कारों' से गायों की तस्करी का एक नया और डरावना ट्रेंड सामने आया है। गोलमुरी की नामदा बस्ती में हुई ताजा घटना ने इस सिंडिकेट के दुस्साहस को उजागर कर दिया है। ये तस्कर न केवल लावारिस गायों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि वीआईपी गाड़ियों का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
इतिहास: जमशेदपुर में पशु तस्करी के बदलते स्वरूप
ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में पशुओं की हेराफेरी के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन पहले ये घटनाएं ग्रामीण इलाकों तक सीमित थीं और बड़े वाहनों का उपयोग किया जाता था। 2010 के दशक के बाद जब पुलिस ने मुख्य मार्गों पर चेकिंग सख्त की, तो तस्करों ने रास्तों को बदलना शुरू किया। अब 2025 में अपराधियों ने 'लग्जरी कार' को अपना हथियार बना लिया है। यह तरीका न केवल पुलिस को भ्रमित करता है (क्योंकि किसी को शक नहीं होता कि एक महंगी कार में गाय हो सकती है), बल्कि भीड़भाड़ वाले इलाकों से निकलने में भी आसानी होती है। सोनारी और मानगो के बाद अब गोलमुरी इस हाई-टेक तस्करी का नया हॉटस्पॉट बन गया है।
सीसीटीवी में कैद खौफनाक 'ऑपरेशन गाय'
गोलमुरी की नामदा बस्ती से हाल ही में एक गाय के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के बाद जब स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो सबके रोंगटे खड़े हो गए।
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लालच और अपहरण: फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तस्कर पहले गाय को खाने का लालच देकर पास बुलाते हैं।
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कार में 'लोडिंग': जैसे ही गाय करीब आती है, तस्कर बड़ी फुर्ती से उसे लग्जरी कार की पिछली सीट या डिग्गी की तरफ ढकेलते हैं और खुद भी बैठकर पलक झपकते ही फरार हो जाते हैं।
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सोनारी का कनेक्शन: इससे पहले सोनारी इलाके में भी इसी तरह की वारदातें हुई थीं, जिनका सुराग पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है।
भाजपा का तीखा हमला: पुलिस से कार्रवाई की मांग
इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष प्रेम झा ने अपने सोशल मीडिया (ट्विटर) हैंडल पर इस चोरी का वीडियो साझा करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
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गंभीर चिंता: प्रेम झा ने कहा कि अंधेरे का फायदा उठाकर जिस तरह रिहायशी इलाकों से गायों की चोरी हो रही है, वह प्रशासन की विफलता है।
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अभियान की मांग: उन्होंने एसएसपी जमशेदपुर, झारखंड पुलिस और जिला प्रशासन को टैग करते हुए तत्काल प्रभाव से गौ-तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
तस्करी के नए ट्रेंड की मुख्य बातें (Fact Sheet)
| विवरण | जानकारी |
| नया माध्यम | लग्जरी और वीआईपी कारें (SUV/Sedan) |
| मुख्य इलाके | गोलमुरी (नामदा बस्ती), सोनारी, साकची |
| कार्यप्रणाली | खाने का लालच देकर कार में भरना |
| समय | अंधेरे का फायदा उठाकर (प्रातः काल या देर रात) |
| मांग | दोषियों की गिरफ्तारी और नाइट पेट्रोलिंग |
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
तस्करों का यह नया तरीका पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। लग्जरी कारों की आम तौर पर उस तरह से तलाशी नहीं ली जाती जैसे कमर्शियल वाहनों की होती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी आस्था और संपत्ति के साथ इस तरह का खिलवाड़ हो रहा है। एसएसपी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर अब कारों की भी सघन जांच करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
सतर्कता ही बचाव है
जमशेदपुर की सड़कों पर अब केवल अपराधियों का डर नहीं, बल्कि उनके नए तौर-तरीकों का भी खौफ है। नामदा बस्ती की घटना एक चेतावनी है कि हमें अपने पशुओं और आसपास की संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी। क्या पुलिस इन 'हाई-फाई' तस्करों को पकड़ पाएगी या शहर की सड़कों से इसी तरह गायें गायब होती रहेंगी?
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